Thursday, November 05, 2026

समुद्र मंथन में विशाल मंदराचल पर्वत को मथनी भगवान विष्णु के कूर्म अवतार को आधार और नागराज वासुकी को रस्सी बनाया गया था।

Editor Name: Prime News

कालकूट (हलाहल) विष – जिसे भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया, जिससे वे ''नीलकंठ'' कहलाए।

कामधेनु गाय – सभी इच्छाएं पूरी करने वाली दिव्य गाय, जिसे ऋषियों को सौंपा गया।

उच्चैःश्रवा घोड़ा – सात मुखों वाला सफेद और दिव्य घोड़ा जो असुरराज बली को मिला।

ऐरावत हाथी – सफेद रंग का दिव्य हाथी, जिसे देवराज इंद्र ने अपना वाहन बनाया।

कौस्तुभ मणि – अत्यंत तेजस्वी और दुर्लभ मणि, जिसे भगवान विष्णु ने अपने हृदय पर धारण किया।

कल्पवृक्ष – सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला वृक्ष जिसे स्वर्ग में स्थापित किया गया।

रम्भा – दिव्य सौंदर्य वाली अप्सरा जो स्वर्गलोक गई।

महालक्ष्मी – धन और समृद्धि की देवी, जिन्होंने भगवान विष्णु को पति के रूप में चुना।

वारुणी – मदिरा की देवी जिसे असुरों ने स्वीकार किया।

चंद्रमा – शीतलता के प्रतीक चंद्रदेव, जिन्हें भगवान शिव ने अपने मस्तक पर धारण किया।

पारिजात वृक्ष – दिव्य सुगंध वाला पुष्प वृक्ष, जिसकी उपयोग सभी पूजा मे किया जाता है।

पाँचजन्य शंख – जिसे भगवान विष्णु ने धारण किया।

भगवान धन्वंतरि – आयुर्वेद के जनक और चिकित्सक, जो हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए।

अमृत – अमरता प्रदान करने वाला दिव्य कलश जो देवताओं को प्राप्त हुआ।