राजनगर किला (मधुबनी): मधुबनी जिले के राजनगर में स्थित राजनगर किला (नवलखा पैलेस) का निर्माण दरभंगा राज के महाराजा रामेश्वर सिंह ने 1884 से 1929 के बीच करवाया था।
रोहतासगढ़ किला (रोहतास): बिहार के रोहतास जिले में कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित इस किले का निर्माण सूर्यवंशी राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व ने करवाया था।
मुंगेर किला (मुंगेर): पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, इस किले का निर्माण महाभारत काल में मगध सम्राट जरासंध ने करवाया था और मीर कासिम ने इस किले का पुनरुद्धार एवं सुदृढ़ीकरण किया।
जलालगढ़ किला (पूर्णिया): पूर्णिया जिले के जलालगढ़ में स्थित है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से 1722 ईस्वी में पूर्णिया के मुगल फौजदार सैफ खान (सैफ खान बरहा) ने करवाया था।
राजा विशाल का किला (वैशाली): बिहार के वैशाली जिले में स्थित इस किले को पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत/रामायण काल में इक्ष्वाकु वंश के राजा विशाल ने बनवाया था।
अजातशत्रु का किला (राजगीर): राजगीर में स्थित अजातशत्रु का किला मगध साम्राज्य के राजा अजातशत्रु ने ईसा पूर्व छठी शताब्दी में बनवाया था।
टेकारी किला (गया): बिहार के गया जिले में गया शहर से लगभग 25-30 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इसका निर्माण 18वीं सदी में लगभग 1755 ईस्वी में राजा सुंदर सिंह ने करवाया था।
बक्सर किला (बक्सर): बिहार के बक्सर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित इस किले का निर्माण सन् 1054 ईस्वी में राजा रुद्र देव द्वारा करवाया गया था।
देव किला (औरंगाबाद): बिहार के औरंगाबाद जिले के देव कस्बे में प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर के पास स्थित इस किले की स्थापना मेवाड़ से आए सिसोदिया राजपूत शासकों द्वारा की गई थी।
मनेर किला (पटना): यह मनेर शरीफ दरगाह का परिसर है। इसका निर्माण सन 1616 से 1619 के बीच बिहार के तत्कालीन गवर्नर इब्राहिम खान काकर ने बनवाया था।
सोमेश्वर किला (पश्चिम चंपारण): यह किला बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के शासनकाल के दौरान हुआ था।
राजगीर की साइक्लोपियन दीवार और किलेबंदी (नालंदा): बिहार के नालंदा जिले में राजगीर (प्राचीन राजगृह) की पहाड़ियों के चारों ओर स्थित एक प्राचीन रक्षात्मक किलेबंदी है।
52 कोठी 53 द्वार (नालंदा): नालंदा के अस्थावां प्रखंड स्थित अमावां स्टेट के ऐतिहासिक राजमहल (52 कोठी 53 द्वार) का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व यहाँ के तत्कालीन महाराज महाराजा हरिहर प्रसाद नारायण सिंह के द्वारा करवाया गया था।
हथुआ का पुराना किला (गोपालगंज): बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ में स्थित इस किले का निर्माण 16वीं से 18वीं शताब्दी के बीच बाघौचिया राजवंश के शासकों द्वारा बनवाया गया था।