कर्जदारों से वसूली के नाम पर गाली गलौज, प्रताड़ना की शिकायतों पर बैंकों पर लगेगा जुर्माना
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से लोन लेने वाले कर्जदारों से वसूली के नाम पर रिकवरी एजेंटों द्वारा दुर्व्यवहार, प्रताड़ित करने और गाली गलौज की खबरें अक्सर अखबारों और सोशल मीडिया पर आती रहती हैं। देश की अदालतें समय समय पर ऐसे रिकवरी एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रिजर्व बैंक को निर्देश दिये हैं। अब रिजर्व बैंक ने ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ी पहल की है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन वसूली के नाम पर ग्राहकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, गाली-गलौज करने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने वाले रिकवरी एजेंटों और बैंक कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए सख्त नियमों का नया ड्राफ्ट (प्रस्ताव) जारी किया है।
1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इन नए नियमों के तहत यदि किसी रिकवरी एजेंट ने ग्राहक से बदतमीजी की या नियमों का उल्लंघन किया, तो इसकी भारी पेनल्टी सीधे बैंक को भुगतनी होगी। नये नियम के अनुसार यदि कर्जदार द्वारा रिकवरी एजेंट के दुर्व्यवहार की शिकायत की जाती है, तो बैंकों को तब तक रिकवरी प्रक्रिया रोकनी होगी जब तक कि मामले का समाधान न हो जाए।
आरबीआई के इन नए नियमों के तहत वसूली एजेंट अब कर्जदारों को सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद कॉल या परेशान नहीं कर सकेंगे। आरबीआई ने साफ शब्दों में बताया है कि ग्राहक, उसके गारंटर, रिश्तेदारों या दोस्तों को शारीरिक या मानसिक रूप से डराना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, सोशल मीडिया पर उनकी रिकॉर्डिंग या ब्योरा डालना और बार-बार गुमनाम नंबरों से धमकी भरे फोन करना 'हार्ष मेथड्स' माना जाएगा, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। रिकवरी एजेंट किसी भी कर्जदार के साथ गाली-गलौज, अभद्र भाषा या शारीरिक/मानसिक धमकी का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी ग्राहक के घर में कोई दुखद घटना (शोक/मृत्यु) हुई हो या कोई शादी-ब्याह का मांगलिक अवसर हो तो उस दौरान बैंक कर्मचारी या रिकवरी एजेंट ग्राहक को बिल्कुल भी परेशान या संपर्क नहीं कर सकते। अब कोई भी ऐरा-गैरा इंसान रिकवरी एजेंट बनकर आपके घर नहीं आ सकता।
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