Crypto Currency : केंद्र सरकार ने देश में क्रिप्टो

केंद्र सरकार लगायेगा क्रिप्टो व अन्य डिजिटल करेंसी के अवैध कारोबार पर लगाम

केंद्र सरकार लगायेगा क्रिप्टो व अन्य डिजिटल करेंसी के अवैध कारोबार पर लगाम

Crypto Currency : केंद्र सरकार ने देश में क्रिप्टो करेंसी जैसी डिजिटल परिसंपत्ति के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की कवायद तेज कर दी है। इन अवैध डिजीटल गतिविधियों को समाप्त करने के प्रयास में वित्तीय खुफिया एजेंसी (एफआईयू) ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों पर जुड़ने वालों के लिए केवाईसी के नए नियम जारी किए हैं। 

एफआईयू द्वारा जारी नये नियमों के तहत लाइवनेस डिटेक्शन के साथ सेल्फी लेना, जियो टैगिंग रिकॉर्ड करना और पेनी ड्रॉप तरीके से बैंक खाते का सत्यापन करना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही इस कारोबार से जुड़े एक्सचेंजों को पैन सेल्फी और आईपी एड्रेस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इन निर्देशों में एक्सचेंजों द्वारा इनिशियल कॉइन ऑफरिंग यानी आईसीओ और इनिशियल टोकन ऑफरिंग को हतोत्साहित किया गया है।

एफआईयू ने डिजिटल परिसंपत्ति के कारोबार को लेकर 8 जनवरी को अपडेटेड दिशा-निर्देशों को जारी किया है। इसमें टंबलर, मिक्सर और गुमनामी बढ़ाने वाले टोकन से जुड़े लेनदेन को सुविधा नहीं दी जाएगी। ये दिशानिर्देश वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (क्रिप्टोकरेंसी) से संबंधित सेवाएं देने वाली रिपोर्टिंग संस्थाओं के लिए मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी (एएमएल) और आतंकवाद वित्तपोषण का मुकाबला (सीएफटी) दिशानिर्देश का हिस्सा हैं।

नए दिशा निर्देशों के अनुसार, सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को एफआईयू के साथ रिपोर्टिंग संस्थाओं के रूप में पंजीकरण कराना होगा। संदिग्ध लेनदेन पर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही, अपने ग्राहकों का रिकॉर्ड रखना होगा, ताकि क्रिप्टो परिसंपत्तियों से जुड़े धन शोधन व आतंकी वित्तपोषण के जोखिमों की पहचान और उनसे निपटा जा सके।

भारत ने क्रिप्टो परिसंपत्तियों को वैध मुद्रा के रूप में मान्यता नहीं दी है, लेकिन आयकर कानून के तहत इन पर टैक्स लगाया जाता है। एफआईयू के निर्देशों में यह भी कहा गया है कि ग्राहक सुरक्षा जांच उपायों के तहत एक्सचेंजों को ग्राहक का पैन, लाइवनेस डिटेक्शन वाली सेल्फी और ऑनबोर्डिंग स्थान के साथ इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पता लेना होगा। क्रिप्टो एक्सचेंज यह भी सुनिश्चित करेगा कि ऑनबोर्डिंग के समय ग्राहक की दी गई जानकारी उसी व्यक्ति की हो जो वास्तव में एप्लिकेशन का उपयोग कर रहा है और खाता बनाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

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