देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.29 अरब डॉलर कम हुआ
Foreign Exchange Reserves : मिडिल ईस्ट (ईरान-अमेरिका) में जारी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 27 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 10.28 अरब डालर घटकर 688.06 अरब डालर रह गया है। इससे पिछले सप्ताह में कुल भंडार 11.413 अरब डालर घटकर 698.34 अरब डालर रहा था।
दरअसल ईरान-इजरायल युद्ध और कच्चे तेल में तेजी के कारण मार्च महीने के दौरान डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया काफी गिर गया। गिरते रूपये को संभालने के लिए रिजर्व बैंक ने जमकर डॉलर की बिकवाली की जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) से $40 billion से भी ज्यादा स्वाहा हो गए।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे एक सप्ताह पहले मतलब कि 20 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान इसमें $11.413 billion की गिरावट हुई है। उससे एक सप्ताह पहले मतलब कि 13 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान $7.052 billion कम हुआ था। महीने की शुरुआत यानी 6 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान भी इसमें $11.683 billion की गिरावट दर्ज हुई थी। अब अपना विदेशी मुद्रा भंडार घट कर $688.058 billion तक गिर गया है। इससे पहले 27 फरवरी 2026 को अपना भंडार बढ़ कर $728.494 billion के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था।
पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डालर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। फरवरी अंत में पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से रुपया लगातार दबाव में है और आरबीआई डालर की बिक्री के जरिये विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है। साथ ही, गिरावट को रोकने के लिए कुछ बड़े नीतिगत कदम भी उठाए गए हैं।
यह लगातार चौथा सप्ताह है, जबकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट हुई है। बीते सप्ताह देश के फोरेक्स भंडार में फिर $10.28 billion की भारी गिरावट हुई थी। सिर्फ मार्च 2026 के दौरान ही अपने विदेशी मुद्रा भंडार में $40.43 billion की कमी हो गई है।
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 27 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में $6.622 billion की भारी कमी हुई है। 27 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 6.62 अरब डालर घटकर 551.07 अरब डालर रह गईं। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 3.66 अरब डालर घटकर 113.52 अरब डालर रह गया।
अब देश का एफसीए भंडार घट कर $551.072 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (SDR) में मामूली बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में $17 million की बढ़ोतरी हुई है। अब यह बढ़ कर $18.649 billion का हो गया है। इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे हुए देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में $17 million डॉलर की कमी हुई है। अब अपना आईएमएफ रिजर्व घट कर $4.816 billion का रह गया है।
इस बीच समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतराष्ट्रीय बाजार में सोने के मूल्य में गिरावट हुई है। इस वजह से बीते 27 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान रिजर्व बैंक के सोने के भंडार की वैल्यू में $3.666 billion की कमी हुई है। एक सप्ताह पहले भी इसमें $13.495 billion की भारी कमी हुई थी। इसी के साथ अब अपने सोने के भंडार का वैल्यू घट कर $113.521 billion का रह गया है।
मालूम हो कि इस समय आरबीआई के पास सोने का भंडार 880 टन के पार चला गया है। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का करीब 15% बैठता है। इसके मूल्य में कमी होती है यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित करता है।
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