देश के विदेशी मुद्रा भंडार में आठ अरब डॉलर की बड़ी गिरावट
मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और रुपये में भारी गिरावट की वजह से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बीते सप्ताह 8.094 अरब डॉलर की भारी गिरावट आयी है। साथ ही सोने के भंडार और अन्य घटकों में भी कमी आई है, जिससे इस दौरान कुल भंडार में यह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
आरबीआई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बीते सप्ताह देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 8.094 अरब डालर की गिरावट रही है। 15 मई को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 688.894 अरब डालर के स्तर पर पहुंच गया। इससे पूर्व के सप्ताह में यह भंडार 6.295 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 696.988 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा भंडार में इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रुपये को स्थिर रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का विदेशी मुद्रा बाजार में की गयी डॉलर की बिकवाली को माना जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक, विदेशी मुद्रा आस्तियां को माना जाता है। आरबीआई के डाटा के अनुसार, बीते सप्ताह विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में 6.483 अरब डालर की कमी आई है और अब यह घटकर 545.904 अरब डालर रह गई हैं। इसी तरह, स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.536 अरब डालर घटकर 119.317 अरब डालर रहा गया है। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.295 अरब डालर बढ़कर 696.988 अरब डालर हो गया था।
देश के सेन्ट्रल बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चालू वर्ष में 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा कोष 728.494 अरब डॉलर के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) पर था। इसके पश्चात, मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में उपजे सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित हुईं। इसके परिणामस्वरूप भारतीय रुपये पर दबाव तीव्र हो गया, जिसे नियंत्रित करने और विनिमय दर को स्थिरता प्रदान करने के लिए आरबीआई को खुले बाजार में अमेरिकी डॉलर की भारी बिकवाली करनी पड़ी। इस हस्तक्षेप के कारण ही देश के भंडार में यह गिरावट देखी जा रही है।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास आरक्षित विशेष आहरण अधिकार (SDR) में 4.9 करोड़ डॉलर की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 18.824 अरब डॉलर पर आ गया. वहीं, आईएमएफ में भारत की आरक्षित स्थिति (Reserve Position) भी 2.5 करोड़ डॉलर कम होकर 4.85 अरब डॉलर दर्ज की गई.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेशी मुद्रा के संकट और इस समष्टि आर्थिक (Macroeconomic) चुनौती से निपटने के लिए देशवासियों से विदेश यात्रा में कटौती करने, ईंधन का सीमित इस्तेमाल करने और एक साल तक सोना खरीदने से परहेज करने की अपील की है ताकि आयात बिल को नियंत्रित किया जा सके।
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