इंडियनऑयल ने Q2 FY27 में 21,630 करोड़ रुपये का नेट

इंडियनऑयल Q2 में मुनाफे में लौटी, 21,630 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज

Indian Oil Returns to Profit in Q2, Reports Rs 21,630 Crore Net Profit

नई दिल्ली। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (इंडियनऑयल) जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) में घाटे से उबरकर मुनाफे में लौट आई है। शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने इस तिमाही में 21,630 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इससे पिछली अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी को 2,661 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में इंडियनऑयल का नेट प्रॉफिट 7,610 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना हो गया है।

परिचालन से मिलने वाला रेवेन्यू 4.7 प्रतिशत घटा

मुनाफे में शानदार सुधार के बावजूद कंपनी के परिचालन से प्राप्त राजस्व में पिछली तिमाही के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई। जून तिमाही में 2.8 लाख करोड़ रुपये रहा राजस्व सितंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत घटकर 2.62 लाख करोड़ रुपये रह गया।

कंपनी ने अपनी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मुनाफे में सुधार की वजह बताते हुए कहा, "मौजूदा तिमाही में मुनाफे की मुख्य वजह जून के मध्य से अगस्त के मध्य तक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई अस्थायी गिरावट और पेट्रोकेमिकल व गैस कारोबार से मिले अच्छे मार्जिन रहे।"

टैक्स-पूर्व मुनाफा बढ़कर 26,616.62 करोड़ रुपये हुआ

सितंबर तिमाही के दौरान इंडियनऑयल का टैक्स-पूर्व मुनाफा (Profit Before Tax) बढ़कर 26,616.62 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके मुकाबले पिछली अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी को टैक्स-पूर्व स्तर पर 3,274.30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यह आंकड़ा कंपनी के तिमाही वित्तीय प्रदर्शन में आए सुधार को दर्शाता है।

पहली छमाही में नेट प्रॉफिट 43 प्रतिशत बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली छमाही में इंडियनऑयल ने कुल 18,969 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 13,299 करोड़ रुपये था। इस तरह पहली छमाही के मुनाफे में 5,670 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो करीब 43 प्रतिशत है। कंपनी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में भी इस वृद्धि की पुष्टि की है।

रिफाइनरी क्रूड थ्रूपुट रिकॉर्ड 37.273 MMT पर पहुंचा

इंडियनऑयल ने FY27 की पहली छमाही में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस दौरान रिफाइनरी क्रूड थ्रूपुट यानी कच्चे तेल की प्रोसेसिंग 37.273 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 36.292 MMT था। पहली छमाही के दौरान कंपनी की रिफाइनरी क्षमता का उपयोग (Capacity Utilization) 105.8 प्रतिशत रहा।

पाइपलाइन थ्रूपुट और कुल बिक्री में भी बढ़ोतरी

कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में पाइपलाइन और बिक्री के मोर्चे पर भी सुधार दर्ज किया गया। पहली छमाही के दौरान पाइपलाइन थ्रूपुट 7 प्रतिशत बढ़कर 53.896 MMT हो गया। वहीं, कुल बिक्री की मात्रा में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह रिकॉर्ड 51.439 MMT पर पहुंच गई। घरेलू बाजार में भी कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ी है। एक साल पहले 41.5 प्रतिशत रही बाजार हिस्सेदारी अब बढ़कर 42.7 प्रतिशत हो गई है।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुनाफे पर दबाव की आशंका

मुनाफे और परिचालन प्रदर्शन में सुधार के बावजूद इंडियनऑयल ने आने वाली तिमाहियों को लेकर सतर्कता जताई है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण भविष्य की तिमाहियों में उसके मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। (Source: ANI)

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