शेयर बाजार में बुधवार को मुनाफावसूली से गिरावट दर्

मुनाफावसूली से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 252 अंक टूटा; क्रूड 106 डॉलर पहुंचने से बढ़ा दबाव

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मुंबई (महाराष्ट्र)। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को आई जोरदार तेजी के बाद बुधवार को मुनाफावसूली का दौर देखने को मिला। भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के चलते बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

बुधवार को कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34% टूटकर 72,781.89 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE का निफ्टी 50 इंडेक्स 99.25 अंक या 0.44% गिरकर 22,622.70 के स्तर पर आ गया।

एक्सपर्ट की राय: क्यों आई बाजार में गिरावट?

PL कैपिटल के चीफ बिजनेस ऑफिसर (एडवाइजरी एंड डीलिंग) विक्रम कासत के मुताबिक, "मंगलवार की बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी। कच्चे तेल के दाम बढ़ने और FII की बिकवाली से आयातित महंगाई, रुपये की स्थिरता और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका है।"

कासत ने सलाह दी कि आगे बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, क्रूड ऑयल की चाल और विदेशी फंड्स के फ्लो पर निर्भर करेगी। निवेशकों को मजबूत बुनियादी (fundamental) आधार वाली कंपनियों पर ही भरोसा जताना चाहिए।

सेक्टर-वाइज प्रदर्शन: आईटी और एफएमसीजी में तेजी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अलग-अलग सेक्टर्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला:

  • गिरावट वाले सेक्टर: निफ्टी फार्मा में सबसे ज्यादा 1.47% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो (0.94%), निफ्टी रियल्टी (0.87%), निफ्टी मेटल (0.67%) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.34%) भी टूटकर बंद हुए।
  • बढ़त वाले सेक्टर: निफ्टी IT में 1.25% और निफ्टी FMCG में 0.94% की बढ़त देखी गई। इसके अलावा निफ्टी मीडिया (0.59%) और निफ्टी PSU बैंक (0.14%) भी हरे निशान में रहे।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी 50 के शेयरों में नेस्ले इंडिया, इंफोसिस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कोल इंडिया, टेक महिंद्रा और टीसीएस प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। दूसरी ओर श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, डॉ. रेड्डीज, एसबीआई लाइफ और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।

रुपये में चौथे दिन भी रिकवरी

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के रिसर्च हेड राजीव शरण के अनुसार, भारतीय रुपया लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया 94.8 के स्तर के पास पहुंचा और शुक्रवार के बाद से इसमें करीब 2% की रिकवरी दर्ज की जा चुकी है।

राजीव शरण के अनुसार, "आरबीआई गवर्नर ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को बेबुनियाद बताया है और करेंसी डेरिवेटिव्स में सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए हर संभव कदम उठाने का भरोसा दिया है।" हालांकि, रुपये की मजबूती काफी हद तक क्रूड की कीमतों और विदेशी फंड्स के इनफ्लो पर निर्भर करेगी।

कमोडिटी मार्केट और वैश्विक बाजारों का हाल

  • कच्चा तेल (Crude Oil): अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.30% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, जिससे आयातित महंगाई की चिंता बनी हुई है।
  • सोना और चांदी: 24-कैरेट सोने का भाव 0.42% घटकर 1,47,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 0.90% गिरकर 2,17,227 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
  • एशियाई बाजार: ताइवान के वेटेड इंडेक्स (+0.59%) को छोड़कर अधिकांश एशियाई बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। जापान का निक्केई 0.06%, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 0.44% और हांगकांग का हैंगसेंग 0.21% गिरकर बंद हुआ।

​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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