RBI के नीतिगत रुख और महंगाई की चिंता के बीच बुधवार

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 429 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे; रुपया 5 महीने के निचले स्तर पर

Indian stock markets close lower on Wednesday

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (सोच-समझकर सख्ती) की ओर बढ़ने और महंगाई की चिंताओं के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में मुनाफावसूली हावी रही। इस दौरान भारतीय रुपया भी गिरकर पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया।

प्रमुख सूचकांकों का हाल

समीक्षाधीन सत्र में NIFTY 50 इंडेक्स 173.05 अंक या 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,603.05 पर बंद हुआ। वहीं, BSE सेंसेक्स 429.11 अंक या 0.59 प्रतिशत टूटकर 72,638.70 के स्तर पर बंद हुआ।

आरबीआई नीति और विशेषज्ञों की राय

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसत के अनुसार, पिछले दो सत्रों में आई जबरदस्त तेजी के बाद भारतीय शेयरों में मुनाफावसूली देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सेंसेक्स और निफ्टी में यह गिरावट RBI के पॉलिसी फैसले से पहले सावधानी के माहौल के कारण आई है।

आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत करने और 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की ओर कदम बढ़ाने से महंगाई, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बाहरी माहौल को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

सेक्टरवार प्रदर्शन और बाजार की स्थिति

बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया। निफ्टी ऑटो में 1.44 प्रतिशत, निफ्टी FMCG में 0.99 प्रतिशत, निफ्टी IT में 1.31 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 2.31 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.42 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.85 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.32 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, कुछ सेक्टरल इंडेक्स में तेजी भी रही। निफ्टी मीडिया 0.60 प्रतिशत, निफ्टी PSU बैंक 0.92 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। Nifty 50 शेयरों में कोटक बैंक, BSE, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, HDFC लाइफ और कोल इंडिया शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयर रहे। इसके विपरीत, टाइटन, अडानी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को, JSW स्टील और BEL सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल थे।

रुपया, क्रूड ऑयल और कीमती धातुएं

वैश्विक बाजार के दबाव के बीच भारतीय रुपया 35 पैसे कमजोर होकर 96.77 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया, जो इसका पांच महीने का निचला स्तर है। इसके अलावा, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1 प्रतिशत बढ़कर 101.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। कीमती धातुओं में, 24 कैरेट सोने की कीमत 0.50 प्रतिशत गिरकर 1,49,375 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि चांदी 1.07 प्रतिशत लुढ़ककर 2,24,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

बाजार विशेषज्ञों की सलाह

Hedged.in के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (HNI और डेरिवेटिव्स) रियांक अरोड़ा ने कहा कि हालिया कमजोरी ने इंडेक्स को उनके मुख्य सपोर्ट लेवल के करीब ला दिया है। जब तक ये सपोर्ट लेवल बरकरार हैं, तब तक मुख्य ट्रेंड सुरक्षित रहेगा। उन्होंने फंडामेंटली मजबूत और टेक्निकली साउंड शेयरों में 'बाय-ऑन-डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनाने के साथ-साथ सख्त रिस्क मैनेजमेंट और सपोर्ट जोन पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी है।

एशियाई बाजारों का रुख

घरेलू बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर गिरावट का रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 0.54 प्रतिशत गिरकर 70,303 पर, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 1.63 प्रतिशत गिरकर 5,608 पर और हांगकांग का हैंग सेंग 0.79 प्रतिशत गिरकर 24,090 पर बंद हुआ। इसके अलावा, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 0.03 प्रतिशत गिरकर 49,806 पर और दक्षिण कोरिया का KOSPI 2 प्रतिशत से अधिक लुढ़ककर 6,803 के स्तर पर बंद हुआ।

यह भी पढ़ें: शेयर बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 685 अंक उछला, निफ्टी 22,700 के पार बंद