ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के असर के बीच कच्चे तेल

भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती के बीच तेजी, सेंसेक्स 160 अंक चढ़ा; कच्चे तेल की नरमी से मिली राहत

प्रतिकात्मक तस्वीर

मुंबई (महाराष्ट्र)। भारतीय शेयर बाजारों में आज मंगलवार को जबरदस्त सुस्ती के बीच मजबूती का रुख देखने को मिला। ईरान पर लगाए जाने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों के बाजार की उम्मीदों से कम असरदार साबित होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में नरमी आई, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली और बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। मासिक एक्सपायरी के दिन निवेशकों का रुझान खासकर हेल्थकेयर और वित्तीय शेयरों की ओर रहा, जबकि रुपये ने भी डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज की।

सेंसेक्स-निफ्टी में बढ़त, बाजार को मिला राहत का सहारा

मंगलवार के कारोबारी सत्र में Nifty-50 41 अंक यानी 0.17 फीसदी चढ़कर 24,260.05 पर बंद हुआ। वहीं BSE Sensex 160.83 अंक यानी 0.21 फीसदी की बढ़त के साथ 77,529.94 पर पहुंच गया। बाजार की तेजी को कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सहारा मिला। अमेरिका के ईरान पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को लेकर बाजार में पहले से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रतिबंध अपेक्षाकृत कम सख्त रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, "ईरान पर अमेरिका के बहुप्रतीक्षित प्रतिबंध बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में हाल के उच्च स्तरों से नरमी आई।" उन्होंने कहा कि ऊर्जा लागत में इस राहत ने मासिक एक्सपायरी के दिन बाजार को मामूली सकारात्मक बढ़त के साथ बंद होने में मदद की।

डिफेंसिव सेक्टर में बढ़ी खरीदारी

विनोद नायर के मुताबिक, निवेशकों का रुझान डिफेंसिव और घरेलू मांग पर केंद्रित क्षेत्रों की ओर बढ़ा। इस दौरान हेल्थकेयर और वित्तीय शेयरों ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू बॉन्ड बाजार में भी कुछ स्थिरता के संकेत दिखाई दिए। ऐसे माहौल में निवेशकों को ऊर्जा कीमतों से मिलने वाली राहत ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।

सेक्टोरल इंडेक्स में कौन आगे रहा?

NSE के सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty Consumer Durables सबसे ज्यादा 0.76 फीसदी चढ़ा। इसके बाद Nifty Healthcare में 0.72 फीसदी की तेजी रही। Nifty Pharma और Nifty PSU Bank दोनों में 0.56 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं Nifty Media 0.46 फीसदी और Nifty Auto 0.11 फीसदी चढ़ा। 

हालांकि सभी सेक्टर हरे निशान में नहीं रहे। Nifty Metal 0.59 फीसदी गिरा, जबकि Nifty Private Bank में 0.31 फीसदी की कमजोरी रही। Nifty Realty 0.05 फीसदी और Nifty Oil and Gas 0.06 फीसदी नीचे रहे। Nifty IT में भी 0.06 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल

Nifty 50 के शेयरों में Adani Enterprises, Max Healthcare, IndiGo और Apollo Hospital प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके उलट Cipla, Hindalco, ONGC, Wipro, Coal India और Tata Steel प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे। इससे संकेत मिलता है कि मंगलवार को निवेशकों ने बाजार में व्यापक स्तर पर आक्रामक खरीदारी करने के बजाय चुनिंदा क्षेत्रों और शेयरों पर ज्यादा भरोसा दिखाया।

3% से ज्यादा टूटा Brent Crude, 89.26 डॉलर पर

अमेरिका के ईरान प्रतिबंधों के अपेक्षा से कम सख्त रहने की खबर का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर पड़ा। Brent crude oil की कीमत मंगलवार को 3 फीसदी से ज्यादा नरम हुई और रिपोर्टिंग के समय यह 89.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की कीमतों में नरमी अहम है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। तेल की कीमतों में राहत से आयात लागत और व्यापक महंगाई के दबाव पर भी असर पड़ सकता है।

सोना ऊंचे स्तर पर, चांदी 2.42 लाख रुपये के पार

जहां शेयर बाजार में तेजी रही, वहीं कीमती धातुओं की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। 24 कैरेट सोना 1,62,910 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ऊंचे स्तर पर रहा। वहीं चांदी 2,42,550 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। यानी निवेशकों के बीच सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।

रुपये को भी मिली मजबूती

भारतीय रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। कारोबार के अंत में रुपया 95.41 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि सोमवार को यह 95.75 रुपये प्रति डॉलर था। यानी डॉलर के मुकाबले रुपये में 34 पैसे की मजबूती आई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रुपये के लिए भी सकारात्मक कारक हो सकती है, क्योंकि इससे भारत के आयात बिल पर दबाव घटने की संभावना बनती है।

बाजार की आगे की दिशा पर क्या बोले एक्सपर्ट?

Hedged.in के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-एचएनआई एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा ने बाजार के प्रदर्शन को अंतर्निहित मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने कहा, "हाल की बढ़त को आगे बढ़ाने की बाजार की क्षमता अंतर्निहित मजबूती को दर्शाती है। जब तक सपोर्ट स्तर कायम रहते हैं, व्यापक रुझान बुल्स के पक्ष में मजबूती से बना हुआ है।" अरोड़ा ने आगे कहा, "मौलिक रूप से मजबूत शेयरों में गिरावट के दौरान खरीदारी करना, उचित जोखिम नियंत्रण के साथ, हमारी पसंदीदा रणनीति बनी हुई है।"

एशियाई बाजारों का भी मिला सकारात्मक संकेत

भारतीय बाजारों के साथ मंगलवार को एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी तेजी रही। जापान का Nikkei 225 0.44 फीसदी बढ़कर 65,820 पर बंद हुआ। सिंगापुर का Straits Times 0.97 फीसदी की बढ़त के साथ 5,725 पर पहुंचा। ताइवान का Weighted Index 0.90 फीसदी चढ़कर 45,169 और दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.68 फीसदी की तेजी के साथ 6,742 पर बंद हुआ। हालांकि हांगकांग का Hang Seng Index इससे अलग रहा और 0.02 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 25,513 पर बंद हुआ। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की कार्रवाई से बॉन्ड यील्ड पर दबाव कम होने से बाजार में बढ़त