नीलेश शाह ने कहा कि तेल की ऊंची कीमतों और बारिश की

ग्लोबल चिंताओं के बावजूद भारत की ग्रोथ करीब 7% रह सकती है: नीलेश शाह

India's Growth May Stay Around 7% Despite Global Concerns: Nilesh Shah

नई दिल्ली (भारत)। वैश्विक अनिश्चितताओं और तेल की ऊंची कीमतों के बीच भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलेश शाह ने बड़ा अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि भारत इस साल करीब 7 प्रतिशत की ग्रोथ बनाए रख सकता है। शाह के मुताबिक, दूसरी तिमाही की आर्थिक रफ्तार अच्छी दिख रही है, हालांकि महंगे तेल और बारिश की कमी जैसी चुनौतियां चिंता का विषय बनी हुई हैं।

तेल की कीमतें बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर कई असर

वेस्ट एशिया में चल रहे संकट के भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित असर के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कई तरह से अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने महंगाई, ब्याज दरों, रुपये, आर्थिक ग्रोथ और कंपनियों के मुनाफे को इसके संभावित प्रभावों में शामिल किया। शाह ने कहा, “हमारे लिए इसका असर अलग-अलग तरीकों से होता है। जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो महंगाई बढ़ती है। ब्याज दरें बढ़ती हैं। रुपया कमजोर होता है। ग्रोथ पर असर पड़ता है। कंपनियों का मुनाफा घटता है। इसलिए, कमाई पर असर पड़ता है।”

तेल की बढ़ती कीमतें बड़ी चिंता

नीलेश शाह ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि इसका असर अलग-अलग आर्थिक संकेतकों पर पड़ सकता है। उनकी ये बातें ‘कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव’ में भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं और ग्लोबल अनिश्चितता से जुड़ी चुनौतियों पर हो रही चर्चाओं के बीच सामने आईं।

UPI और MDR पर भी रखी राय

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के मुद्दे पर पूछे जाने पर शाह ने कहा कि सरकार ने साफ किया है कि 2,000 रुपये से कम के ट्रांजेक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा। उन्होंने UPI को “दुनिया के सबसे अच्छे इंटरमीडिएशन प्रोडक्ट्स में से एक” बताया। शाह ने कहा कि UPI सिस्टम को बनाए रखने के लिए वित्तीय संसाधनों की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, “अब, इसे बनाए रखने के लिए पैसे की जरूरत है। हम इसे हमेशा के लिए फ्री नहीं रख पाएंगे।”

UPI पर संभावित चार्ज को लेकर क्या बोले शाह

इंटरनेशनल कार्ड कंपनियों से तुलना करते हुए शाह ने कहा कि यूज़र्स ने पहले इंटरनेशनल कार्ड कंपनियों की ओर से लगाए गए चार्ज को स्वीकार किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि UPI के लिए लगने वाले छोटे से चार्ज को अलग नजरिए से क्यों देखा जाए। उन्होंने कहा, “अगर आप अच्छी सर्विस चाहते हैं, तो आपको उसके लिए पैसे देने होंगे।” शाह ने UPI पर संभावित चार्ज की तुलना सड़कों के रखरखाव के लिए दिए जाने वाले टोल पेमेंट से की। उन्होंने कहा, “इसी तरह, अगर आप अच्छी UPI सर्विस चाहते हैं, तो आपको कुछ MDR देना होगा।” (Source: ANI)

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