भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार रिकवरी दर्

शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी: IT शेयरों की चमक से सेंसेक्स 1,100 अंक से ज्यादा उछला

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मुंबई (महाराष्ट्र)। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। कॉर्पोरेट आय (Corporate Earnings) को लेकर सकारात्मक उम्मीदों और IT शेयरों में आई भारी लिवाली के चलते बाजार का सेंटिमेंट सुधरा, जिससे दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक शानदार बढ़त के साथ बंद हुए। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 1,109.10 अंक यानी 1.54 फीसदी की छलांग लगाकर 73,033.78 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी (Nifty 50) 358.60 अंक या 1.60 फीसदी की मजबूती के साथ 22,721.95 के स्तर पर बंद हुआ।

Key Highlights / स्टोरी हाईलाइट्स

  • बाजार में शानदार रिकवरी: सेंसेक्स 1,109 अंक (1.54%) की बढ़त के साथ 73,033.78 पर और निफ्टी 358 अंक (1.60%) उछलकर 22,721.95 के स्तर पर बंद हुआ।
  • IT शेयरों का दबदबा: एचसीएल टेक्नोलॉजीज के नतीजों की उम्मीदों से निफ्टी IT इंडेक्स में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
  • रुपये में लगातार सुधार: आरबीआई (RBI) द्वारा तेल कंपनियों के लिए प्रत्यक्ष डॉलर विंडो और सट्टेबाजी पर लगाम के बाद रुपया लगातार दूसरे दिन 95 के मध्य स्तर पर मजबूत रहा।
  • क्रूड और महंगाई की चुनौती: इंडिया VIX में 8% की गिरावट से अनिश्चितता कम हुई है, लेकिन 104 डॉलर प्रति बैरल क्रूड ऑयल और 5.54% खुदरा महंगाई दर आगे के लिए चुनौतियां बने हुए हैं।

IT शेयरों की अगुवाई में बाजार में लौटी रौनक

इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से IT शेयरों का हाथ रहा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) के बेहतर नतीजों की उम्मीदों से निवेशकों में उत्साह दिखा, जिसके चलते निफ्टी IT इंडेक्स में 5 फीसदी से अधिक का उछाल आया।

पीएल कैपिटल (PL Capital) के एडवाइजर एंड डीलिंग चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कासत ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार में मजबूत रिकवरी दर्ज की गई है, जिसकी अगुवाई IT शेयरों ने की है।

विक्रम कासत ने कहा कि, "निफ्टी IT इंडेक्स में करीब 4.7 फीसदी की तेजी यह दर्शाती है कि निवेशक पूरे बाजार में आंख मूंदकर खरीदारी करने के बजाय, खास तौर पर उन कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं जिनके नतीजे बेहतर रहने की स्पष्ट उम्मीद है।"

सेक्टरवार प्रदर्शन और बाजार के रुझान

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। फार्मा इंडेक्स में 0.05 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

इसके विपरीत, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.48 फीसदी उछला। इसके बाद निफ्टी IT, निफ्टी FMCG (1.40%), निफ्टी PSU बैंक (1.46%), निफ्टी ऑटो (1.23%), निफ्टी मेटल (1.17%) और निफ्टी मीडिया (0.55%) की बढ़त के साथ बंद हुए।

विक्रम कासत ने यह भी रेखांकित किया कि 'इंडिया विक्ष' (India VIX) में करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो निकट अवधि की अनिश्चितताओं के कम होने का संकेत देती है। हालांकि, स्मॉल-कैप शेयरों में कमजोरी से यह साफ है कि निवेशकों का जोखिम उठाने का मूड अभी मिला-जुला है। उन्होंने चेतावनी दी कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और सितंबर में खुदरा महंगाई दर का 5.54 फीसदी पर रहना नीतिगत लचीलेपन और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।

उन्होंने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि, "आगे चलकर, लगातार कमाई में बढ़ोतरी और व्यापक स्तर पर सेक्टरों की भागीदारी इस तेजी को टिकाऊ बनाने के लिए बेहद जरूरी होगी। निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों को तरजीह देनी चाहिए और ऊंचे वैल्यूएशन पर आक्रामक दांव लगाने से बचना चाहिए।"

तकनीकी दृष्टिकोण और कमोडिटी बाजार का हाल

हेज्ड डॉट इन (Hedged.in) के एचएनआई और डेरिवेटिव्स एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रियांक अरोड़ा ने तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए कहा कि, "इंडेक्स ने 22,700 के अहम स्तर को फिर से हासिल कर लिया है और यह अपने मुख्य सपोर्ट लेवल के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो लगातार तेजी के रुझान (Bullish Momentum) को दिखाता है। तत्काल सपोर्ट 22,650 से 22,600 के बीच है, जबकि इसके बाद 22,450 के पास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की ओर 22,800 से 22,900 के बीच रेजिस्टेंस है। इस दायरे से ऊपर कोई भी निर्णायक बढ़त आगे के रास्ते खोल सकती है।"

इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 104.55 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई थीं। सर्राफा बाजार में 24-कैरेट सोना 1,49,535 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,22,849 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही थी।

रुपये में मजबूती और एशियाई बाजारों का रुख

ब्रिकवर्क रेटिंग्स (Brickwork Ratings) के रिसर्च हेड राजीव शरण ने रुपये की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि, "सोमवार को करीब 1 फीसदी की छलांग लगाने के बाद - जो पिछले छह महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी थी - मंगलवार को भी रुपये ने अपनी रिकवरी जारी रखी और यह 95 के मध्य स्तर (Mid-95s) पर ट्रेड करता दिखा। इसकी मुख्य वजह ताजा इनफ्लो नहीं, बल्कि आरबीआई (RBI) द्वारा बाहर जा रहे डॉलर को री-रूट करना है। 

केंद्रीय बैंक की नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी तेल कंपनियों को उनकी रोजाना की पूरी जरूरत (लगभग 30 करोड़ डॉलर) सीधे मुहैया कराई जा रही है। इससे बाजार के सबसे बड़े और भाव को लेकर सबसे कम संवेदनशील खरीदार को स्पॉट स्क्रीन से हटा दिया गया है। इसके अलावा, सट्टेबाजों पर लगाम कसने के लिए करेंसी डेरिवेटिव्स की सीमाओं में भी भारी कटौती की गई है।"

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, अन्य एशियाई बाजारों में मिला-जुला असर दिखा। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.93 फीसदी गिरकर 67,721 पर बंद हुआ, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.99 फीसदी की कमजोरी के साथ 48,341 पर आ गया, और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 5.78 फीसदी लुढ़ककर 6,035 पर बंद हुआ। 

इसके उलट, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.28 फीसदी चढ़कर 5,430 पर और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.20 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,319 पर बंद हुआ। ​(इनपुट: ANI)

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