कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को भा

म्यूचुअल फंड्स में रिकॉर्ड निवेश, जुलाई में 85.75 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा

Mutual Fund Investments Hit Record High in July

नई दिल्ली: भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग ने जुलाई 2026 में नया रिकॉर्ड बनाया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में म्यूचुअल फंड्स में कुल शुद्ध निवेश 85.75 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा विभिन्न बाजार क्षेत्रों में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

पिछले महीने के मुकाबले 4.30% बढ़ा निवेश

जीईपीएल कैपिटल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में कुल शुद्ध निवेश पिछले महीने की तुलना में करीब 4.30 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, व्यापक शुद्ध म्यूचुअल फंड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में पिछले एक साल के दौरान 13.80 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज की गई।

कॉरपोरेट्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी

म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों के स्वामित्व पैटर्न को देखें तो कॉरपोरेट्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। उनके पास कुल म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों का करीब 37.17 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बाद हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) का स्थान है, जिनकी हिस्सेदारी 33.83 प्रतिशत है। खुदरा निवेशकों के पास कुल परिसंपत्तियों का करीब 27 प्रतिशत हिस्सा है।

बैंकों और विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कम

बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों का करीब 1.92 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) और विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मिलकर करीब 0.07 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। परिसंपत्ति वर्ग के लिहाज से इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स का दबदबा कायम है। दोनों मिलकर कुल म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों का 61.06 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) और फंड ऑफ फंड्स (FOF) की हिस्सेदारी 14.01 प्रतिशत रही। वहीं, लिक्विड और मनी मार्केट फंड्स का हिस्सा 13.37 प्रतिशत और लिक्विड एवं मनी मार्केट उत्पादों को छोड़कर डेट श्रेणी की हिस्सेदारी 11.57 प्रतिशत रही।

इक्विटी सेगमेंट में 24,697 करोड़ का निवेश

इक्विटी सेगमेंट में भी निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। इस सेगमेंट में जुलाई के दौरान कुल 24,697 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इक्विटी सेगमेंट के भीतर अलग-अलग बाजार पूंजीकरण वाली श्रेणियों में निवेशकों की प्राथमिकताएं अलग-अलग रहीं।

स्मॉलकैप बना सबसे बड़ा आकर्षण

स्मॉलकैप श्रेणी इक्विटी सेगमेंट में सबसे बड़े विकास इंजन के रूप में उभरी। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में स्मॉलकैप फंड्स में 7,768 करोड़ रुपये का सबसे अधिक शुद्ध निवेश हुआ। मिडकैप और फ्लेक्सीकैप श्रेणियां भी निवेशकों के बीच प्रमुख पसंद रहीं। रिपोर्ट के अनुसार, मिडकैप में 6,192 करोड़ रुपये, फ्लेक्सीकैप में 4,709 करोड़ रुपये, लार्ज एंड मिडकैप में 3,425 करोड़ रुपये और मल्टीकैप श्रेणी में 3,227 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इस तरह जुलाई में म्यूचुअल फंड उद्योग के रिकॉर्ड निवेश ने निवेशकों के मजबूत भरोसे और इक्विटी समेत विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में लगातार बढ़ती भागीदारी को रेखांकित किया है।

(एएनआई)

यह भी पढ़े: प्रियांक खड़गे का BJP पर हमला, पूछा- 'RSS ने तिरंगे की जगह भगवा ध्वज को क्यों चुना?'