NSE ने छात्रों और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए किए दो MoU, निवेशकों को फ्रॉड से बचाने पर जोर
नई दिल्ली (भारत)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 'प्रोजेक्ट जागरूक' के तहत कॉलेज छात्रों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के कर्मचारियों, जिनमें ट्रक ड्राइवर भी शामिल हैं, के बीच वित्तीय साक्षरता और निवेशक जागरूकता बढ़ाने के लिए दो समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये पहल सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की देखरेख में 'वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक 2026' के दौरान की गईं। NSE के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य निवेशकों को सोच-समझकर निवेश के फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
विग्नान फाउंडेशन के साथ छात्रों के लिए पहल
NSE ने विग्नान फाउंडेशन फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च के साथ एक MoU किया है। इसके तहत वित्तीय साक्षरता और सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों के लिए पार्टनर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित और तैयार किया जाएगा। यह सहयोग 'मेंटोरिंग ऑफ यूनिवर्सिटी/कॉलेज स्टूडेंट्स बाय ट्रेनर्स' (MUST) पहल के तहत संचालित होगा। इसका उद्देश्य कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों तक वित्तीय शिक्षा पहुंचाना है।
AITWA के साथ ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को मिलेगी ट्रेनिंग
NSE ने ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) के साथ भी समझौता किया है। इस MoU के तहत NSE, AITWA के नॉलेज पार्टनर के रूप में काम करेगा। एक्सचेंज एसोसिएशन के सदस्यों, कर्मचारियों और नामित लोगों को वित्तीय साक्षरता तथा निवेशक जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इस पहल में ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों को निवेश की बुनियादी जानकारी देने और वित्तीय मामलों में जागरूक बनाने पर जोर दिया जाएगा।
5 से 11 अक्टूबर तक मनाया जा रहा वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक 2026
इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ सिक्योरिटीज कमीशंस (IOSCO) की देखरेख में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक का 10वां संस्करण भारत में 5 से 11 अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम 'समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल' रखी गई है। SEBI ने सिक्योरिटीज मार्केट पार्टनर्स (SMPs) के सहयोग से इसी थीम के तहत जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर निवेश को समझना आसान बनाना और लोगों को सोच-समझकर जिम्मेदारी से निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाना भी प्रमुख उद्देश्य
NSE की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि लगभग 1.47 अरब की आबादी वाले देश में करीब 13.66 करोड़ यूनिक रजिस्टर्ड PAN हैं। ऐसे में वित्तीय शिक्षा और धोखाधड़ी से बचाव के लिए लगातार जागरूकता जरूरी है। विज्ञप्ति के अनुसार, SEBI के सिद्धांतों पर आधारित नियमन और IOSCO के अनुरूप WIW फ्रेमवर्क के तहत सालभर निवेशक शिक्षा और स्कैम-प्रिवेंशन को प्राथमिकता दी जा रही है। NSE की ये पहल निवेशकों को वित्तीय उत्पादों और सुरक्षित निवेश के तरीकों के बारे में जानकारी देने के इसी प्रयास का हिस्सा हैं।
NSE ने FY2025-26 और FY2026-27 की पहली छमाही में चलाए 24,500 से अधिक कार्यक्रम
NSE नए और मौजूदा निवेशकों के लिए देशभर में इन्वेस्टर अवेयरनेस प्रोग्राम (IAP) आयोजित करता है। इन कार्यक्रमों के जरिए वित्तीय उत्पादों, निवेश की बुनियादी बातों और सुरक्षित निवेश के तरीकों की जानकारी दी जाती है। एक्सचेंज के अनुसार, ये कार्यक्रम प्रत्यक्ष, हाइब्रिड और डिजिटल माध्यमों से संचालित किए जाते हैं। NSE ने वित्त वर्ष 2024-25 में 14,679 ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए थे, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही को मिलाकर सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 24,500 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। (Source: ANI)
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