प्रतिभूति बाजार संहिता में संशोधन का प्रस्ताव, संसद में आयेगा विधेयक
प्रतिभूति बाजार संहिता में संशोधन का प्रस्ताव, संसद में आयेगा विधेयक
संसद के आगामी सत्र में संशोधन विधेयक होगा पेश
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार भारतीय शेयर बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिभूति बाजार संहिता में संशोधन करेगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय इस संबध में संसद के आगामी सत्र में संशोधन विधेयक पेश करेगी।
वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार संसद के शीतकालीन सत्र में प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक 2025 संसद में पेश करेगी। लोकसभा सचिवालय ने इस संबंध में बताया कि विधेयक को आगामी सत्र के लिए सूचीबद्ध किया गया है। संसद का सत्र आगामी एक दिसंबर से शुरू हो रहा है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता देश के वित्तीय बाजारों में कारोबार करने को आसान बनाएगा।
विधेयक का मकसद सेबी कानून 1992, डिपॉजिटरीज कानून 1996 और प्रतिभूति लेनदेन (नियमन) कानून 1956 के प्रावधानों को एक ही संहिता में मिलाना है। एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता का प्रस्ताव सबसे पहले 2021-22 के आम बजट में किया गया था, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेबी कानून 1992, डिपॉजिटरीज कानून 1996, प्रतिभूति करार (नियमन) कानून 1956 और सरकारी प्रतिभूति कानून 2007 को एक तर्कसंगत एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता में लाने की घोषणा की थी। विशेषज्ञों का मानना कि एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता से अनुपालन की लागत कम होगी और पूंजी बाजार नियामक सेबी, डिपॉजिटरी तथा सरकार द्वारा बनाए नियमों के बीच टकराव कम होगा।
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