NEET UG-2026 पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों पर कंगना र

आशुतोष राणा ने कंगना को दी भाषा पर संयम की नसीहत, बोले- शब्दों के प्रति रहें सचेत

Ashutosh Rana Reaction Kangana Ranaut Youth Comment (File Photo)

पटना: अभिनेता आशुतोष राणा ने NEET UG-2026 परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों की आलोचना करने के बाद साथी अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा युवाओं के बारे में की गई टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ANI से बात करते हुए आशुतोष राणा ने कहा कि हर परिस्थिति में हमें अपने शब्दों के प्रति सचेत रहना चाहिए। 

आशुतोष राणा ने कंगना पर कसा तंज

उन्होंने कहा, अपने शब्दों से ही आप हाथी की सवारी करने का सम्मान अर्जित करते हैं और अपने शब्दों से ही अपनी कही बातों से आप उसके पैरों तले कुचले जाने की सजा को आमंत्रित करते हैं। हमारे शब्द हमारे सम्मान के प्रतीक हैं, ठीक वैसे ही जैसे वे हमारे अपमान का कारण बन सकते हैं। इसलिए, हमें हर परिस्थिति में अपनी भाषा के प्रति हमेशा सचेत रहना चाहिए। 

कंगना ने प्रदर्शनकारियों के अंदाज और भाषा की आलोचना की

इससे पहले कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करते हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो को घिनौना बताया था। भाजपा सांसद ने प्रदर्शनकारियों के अंदाज और भाषा की भी आलोचना की। मैंने अपने जीवन में कभी एक जगह पर इतनी कुरूपता नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों के ये वीडियो घिनौने हैं। जिस तरह से वे बोल रहे हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैंने अपने जीवन में कभी भी हर फ्रेम में इतना घिनौना और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। 

कंगना ने स्टोरी लगाकार की भद्दी टिप्पणी

कंगना ने कहा, "छी, इन्हें कौन जन्म दे रहा है और कौन पाल-पोस रहा है। कंगना रनौत ने यह भी लिखा, भारत विविधतापूर्ण सुंदरता वाले लोगों का देश है, जो शालीनता से परिपूर्ण और सांस्कृतिक परिष्कार में डूबे हुए हैं। आप खुद को तिलचट्टे कहते हैं और उन्हीं की तरह दिखते/व्यवहार करते हैं। इसमें कोई विरोधाभास या अंतर नहीं है। बस दुनिया को अपनी गंदगी, कचरे और कुरूपता से भर रहे हैं। इन वीडियो से मुझे गहरा सदमा लगा है। मुझे कुछ उपचार, डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है।

कंगना ने युवाओं को बताया 'गटर पीढ़ी'

कंगना ने एक अन्य टिप्पणी में लिखा, सबसे भयावह बात यह है कि युवा हिंदू महिलाएं बिना उस स्वतंत्रता को अर्जित किए ही स्वतंत्र करियर वाली महिलाओं की तरह जीवन जीना चाहती हैं। सच्ची स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं और साहसी राय रखती हैं। वे लीक से हटकर करियर चुनती हैं और अपने कार्यों की जिम्मेदारी खुद लेती हैं, क्योंकि वे आत्मनिर्भर होती हैं। वे ऐसा अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। उन्होंने आगे लिखा, मैं उन्हें 'गटर पीढ़ी' कहती हूं। उनमें से कुछ के पास व्यवस्था को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं। वे इतनी बदसूरत और भ्रष्ट हैं कि वे गृहिणी भी नहीं बन सकतीं।" 

(एएनआई)

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