CINTAA विवाद: दीपक काज़िर ने FWICE के आंतरिक हस्तक्षेप का किया कड़ा विरोध
मुंबई: अभिनेता और CINTAA के पूर्व पदाधिकारी दीपक काज़िर केजरीवाल ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के भीतर चल रहे विवाद और उसके चुनावों में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (FWICE) की दखलअंदाज़ी का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन को CINTAA के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। मंगलवार को अभिनेता ने कहा, मैं यह भी कहना चाहता हूं कि FWICE को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। यह एक अलग संगठन है। FWICE को CINTAA के आंतरिक नियमों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। FWICE ने कई यूनियनों में घुसपैठ की है और उन्हें खत्म करवा दिया है।
CINTAA पर अधूरे वादों का लगाया आरोप
दीपक काज़िर ने कहा कि यह विवाद कई वर्षों से चल रहा है। CINTAA और सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट (CAWT) के कामकाज से जुड़े मुद्दों से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह मामला 2016 से चल रहा है। यह लड़ाई कुछ वादों को पूरा न कर पाने को लेकर है। मैं आपको मौजूदा हालात बता रहा हूं। यह लड़ाई 2016 से चल रही है। अभिनेता ने 2024 के सिंटाआ चुनावों के दौरान किए गए वादों के बारे में भी बात की और कहा कि काम के घंटे, परिवहन और समय पर भुगतान जैसे कई मुद्दे सदस्यों से किए गए वादों का हिस्सा थे, जो पूरे नहीं हुए। ये लोग बड़े-बड़े वादे लेकर आए थे। कि 8 घंटे की शिफ्ट होगी, परिवहन होगा, समय पर भुगतान होगा, और भी बहुत कुछ। खैर, इनमें से कुछ भी नहीं हुआ।
फिल्म इंडस्ट्री में 16 घंटे की शिफ्ट पर सवाल
केजरीवाल ने फिल्म उद्योग में काम करने की स्थितियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कामगारों को अभी भी लंबे समय तक शूटिंग करनी पड़ती है। श्रम संबंधी नियमों को बेहतर ढंग से लागू करने की मांग की। कोई कानून पारित नहीं हुआ है। आज भी स्पॉट बॉय, बढ़ई, लाइट बॉय, आप जो भी कहें, 16 घंटे की शूटिंग होती है। कलाकारों की स्थिति बहुत खराब है।
समिति से इस्तीफे और अदालत के आदेश के बीच हुए चुनाव
अभिनेत्री की ये टिप्पणी CINTAA की कार्यकारी समिति के कामकाज को लेकर चल रहे तनाव के बीच आई है। पिछले महीने ग्यारह सदस्यों ने समिति से पर्याप्त परामर्श किए बिना कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर चिंता जताते हुए इस्तीफा दे दिया था। पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। बाद में चुनाव प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी गई। 9 सितंबर को अदालत ने चल रही कानूनी कार्यवाही के परिणाम के आधार पर चुनाव कराने की अनुमति दे दी। CINTAA के चुनाव 12 सितंबर को हुए।
(इनपुट: ANI)
ये भी पढ़ें- व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया 24/7 'ट्रम्प टीवी' स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, मीडिया बैन को लेकर विवाद गहराया