हैदराबाद में बोनालू उत्सव में शामिल होने पर ट्रोल

मंदिर जाने पर फारिया अब्दुल्ला की ट्रोलिंग पर भड़कीं VHRP नेता यमुना पाठक, कहा- 'धार्मिक टारगेट करना अस्वीकार्य'

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हैदराबाद (तेलंगाना)। हैदराबाद के पारंपरिक बोनालू उत्सव में शामिल होने और मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद तेलुगु अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला को सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। इस घटना पर विभिन्न हलकों से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें धार्मिक सहिष्णुता और संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने की कड़ी निंदा

विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष यमुना पाठक ने अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला के खिलाफ हो रही ऑनलाइन ट्रोलिंग की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला को केवल इसलिए निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है कि उसने किसी अन्य समुदाय की परंपरा में हिस्सा लिया है।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए यमुना पाठक ने कहा, "मैं अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला के बोनालू में शामिल होने और मंदिर में पूजा-अर्चना करने भर पर हो रही दुर्भावनापूर्ण ट्रोलिंग और उनके धार्मिक लक्षणीकरण (टारगेटिंग) की कड़े शब्दों में निंदा करती हूं। भारत किसी धार्मिक एजेंडे से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है।"

संवैधानिक अधिकारों और समानता पर जोर

अपने बयान में VHRP नेता ने देश के संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक संविधान के दायरे में रहकर अपने जीवन का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। यमुना पाठक ने आगे कहा, "संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 के तहत देश का प्रत्येक नागरिक समानता, गरिमा और अंतरात्मा की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त करता है। किसी अन्य समुदाय की परंपरा में शामिल होने पर एक महिला को अपमानित करना या निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।"

अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला का भावुक जवाब

विवाद और भारी ट्रोलिंग के बाद शनिवार को अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपनी चुप्पी तोड़ी। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में अभिनेत्री अपनी बात रखते हुए भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो गईं। वीडियो में फारिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह आज भी 'प्यार', 'एकता' और 'शांति' के सिद्धांतों में अटूट विश्वास रखती हैं। उन्होंने उन ट्रोल्स को भी आड़े हाथों लिया जो उनकी धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'काफिर' कह रहे थे।

अंतरधार्मिक पारिवारिक पृष्ठभूमि का खुलासा

फारिया ने अपने परिवार की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि उनका पालन-पोषण एक अंतरधार्मिक (इंटरफेथ) माहौल में हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके पिता संजय अब्दुल्ला का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था, जिन्होंने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया था। ट्रोलर्स को जवाब देते हुए अभिनेत्री ने कहा, "मेरे पिता एक कॉन्वर्टेड मुस्लिम हैं। क्या आप समझते हैं कि इसका क्या मतलब है? उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया क्योंकि उन्हें वह पसंद आया था।" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ऐसे माता-पिता ने पाला है जिन्होंने उन्हें किसी धर्म की अच्छी बातें ही सिखाई हैं।

अंतरधार्मिक पारिवारिक पृष्ठभूमि और दोनों धर्मों के संस्कार

फारिया ने अपने परिवार की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि उनका पालन-पोषण एक अंतरधार्मिक (इंटरफेथ) माहौल में हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके पिता संजय अब्दुल्ला का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था, जिन्होंने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया था। ट्रोलर्स को जवाब देते हुए अभिनेत्री ने कहा, "मेरे पिता एक कॉन्वर्टेड मुस्लिम हैं। क्या आप समझते हैं कि इसका क्या मतलब है? उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया क्योंकि उन्हें वह पसंद आया था।"

फारिया ने आगे बताया कि उनकी मां कौसर सुल्ताना (Kausar Sultana) का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था, लेकिन उनकी रुचि हिंदू आध्यात्मिकता और ध्यान (मेडिटेशन) में गहरी रही है। उन्हें ऐसे माता-पिता ने पाला है जिन्होंने हमेशा उन्हें दोनों संस्कृतियों की अच्छाइयां ही सिखाई हैं। अभिनेत्री ने कहा कि वह जीवन को हर रूप में सकारात्मकता के साथ देखती हैं और ट्रोल्स के प्रति भी सद्भावना जताते हुए कहा कि वह उन लोगों के लिए भी अच्छा ही चाहती हैं। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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