गजेंद्र चौहान ने नसीरुद्दीन शाह को दी चुनाव लड़ने की चुनौती, बोले- सामने आए तो उनके खिलाफ उतरूंगा मैदान में
मुंबई: अभिनेता गजेंद्र चौहान ने साथी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की केंद्र सरकार के खिलाफ हालिया टिप्पणियों की आलोचना की है। उन्होंने शाह को चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो वह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। चौहान ने शाह के खुद को 'दिमागी नक्सल' बताने वाले बयान पर भी सवाल उठाए। बातचीत में गजेंद्र चौहान ने खुद को देशभक्त बताते हुए कहा कि अगर नसीरुद्दीन शाह को सरकार का विरोध करना है, तो उन्हें चुनावी राजनीति में आना चाहिए। चौहान ने कहा, “अगर आपको सरकार का विरोध करने का इतना ही शौक है, तो आप चुनाव क्यों नहीं लड़ते? चुनाव लड़िए।”
गजेंद्र चौहान बोले- शाह के खिलाफ लड़ूंगा चुनाव
अभिनेता ने नसीरुद्दीन शाह को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वह जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, वह उनके खिलाफ मैदान में उतरेंगे। चौहान ने कहा, “मैं आपको चुनौती देता हूं। आप जहां से भी चुनाव लड़ें, मैं आपके खिलाफ चुनाव लड़ूंगा और आपको हराऊंगा।” उन्होंने आगे कहा कि देश ने शाह को एक कलाकार के तौर पर बहुत सम्मान दिया है। चौहान ने बताया कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता हैं और पार्टी से अनुरोध करेंगे कि अगर शाह कहीं से भी चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें उनके खिलाफ उम्मीदवार बनाया जाए।
शाह की राजनीतिक टिप्पणियों पर जताई नाराजगी
गजेंद्र चौहान ने नसीरुद्दीन शाह के राजनीतिक बयानों पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि शाह को एक कलाकार के तौर पर जो सम्मान मिला है, उनके सार्वजनिक बयानों से उस पर असर पड़ा है। चौहान ने दोहराया, “इस देश ने आपको एक कलाकार के तौर पर इतनी इज्जत दी, इतना सम्मान दिया, और यह सब बर्बाद हो गया।” दरअसल, नसीरुद्दीन शाह ने अपने फेसबुक वीडियो में छात्र प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकार पर असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। शाह ने कहा था, “मैं यह गर्व से कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कदमों से युवाओं के आत्मविश्वास, शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचने का खतरा है। शाह ने सवाल किया, “आप हमारे देश के युवाओं की हिम्मत तोड़ने, एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद करने और हमारी डेमोक्रेसी को खतरे में डालने के लिए और क्या करेंगे?”
JNU, SRFTI और जामिया का भी किया जिक्र
अपने बयान में नसीरुद्दीन शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) और जामिया मिलिया इस्लामिया से जुड़े घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुए व्यवहार को याद रखा जाएगा। शाह ने यह भी कहा कि युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा और सरकार के कदमों के बावजूद शिक्षा व्यवस्था तथा लोकतंत्र कायम रहेंगे।
(ANI)
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