हेमा मालिनी ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया दुख, अनूठे अभिनय और दमदार आवाज की तारीफ की
मुंबई: वयोवृद्ध अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने गुरुवार को अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। अभिनेत्री ने कलाकार को उनकी अनूठी अभिनय शैली और अद्भुत आवाज के लिए अभिनेताओं का संस्थान बताया। नाना पाटेकर का गोवा में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर के निधन से हेमा मालिनी स्तब्ध
मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने एएनआई को इस खबर की पुष्टि की। उनका अंतिम संस्कार पुणे के खड़कवासला के पास स्थित उनके फार्महाउस में होगा, जिसे वे प्यार से नानाची वाडी कहते थे। एएनआई से बात करते हुए अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि अभिनेता के निधन से वह दुखी और स्तब्ध हैं। उन्होंने नाना पाटेकर को शानदार कलाकार बताया। मुझे यह जानकर गहरा दुख और गहरा सदमा लगा कि एक महान अभिनेता अचानक हमारे बीच से चले गए। जन्म और मृत्यु अपरिहार्य हैं, लेकिन हम कभी भी इतनी अचानक घटना की उम्मीद नहीं करते। वे एक शानदार कलाकार थे। अभिनय की दुनिया में एक प्रतिष्ठित नाम, जिनकी अभिनय शैली अनूठी थी और आवाज अद्भुत थी। वे हिंदी और मराठी फिल्म उद्योग दोनों में एक अगुआ थे। मैं उनके अभिनय का बहुत बड़ा प्रशंसक था।
नाना पाटेकर के अभिनय की मुरीद थीं हेमा मालिनी
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में नाना पाटेकर अभिनीत सीरियल 'संकल्प' देखी और उनके अभिनय से वह बहुत प्रभावित हुईं। मैंने हाल ही में उनकी वेब सीरीज़ 'संकल्प' देखी। मैंने उन्हें फोन करके बताया कि यह कितनी खूबसूरत थी और मुझे कितनी पसंद आई। यह सुनकर वे बहुत प्रसन्न हुए। इसके अलावा वे एक सच्चे समर्पित समाजसेवी थे। उन्होंने 'नाम फाउंडेशन' की स्थापना की, जिसके माध्यम से उन्होंने अनगिनत किसानों और वंचित लोगों की मदद की। उन्होंने यह साबित कर दिया कि एक फिल्मी हस्ती के रूप में उनकी हैसियत से कहीं बड़ा उनका हृदय था।
अभिनय प्रतिभा और व्यक्तित्व को किया याद
फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर ने भी भारतीय सिनेमा में नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता की प्रशंसा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एएनआई से बात करते हुए सिद्धार्थ रॉय कपूर ने कहा, मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि बहुत कम कलाकार ऐसे हैं, जिनकी अभिनय क्षमता परिंदा से लेकर वेलकम तक फैली हुई है। मुझे लगता है कि नाना पाटेकर ने इतने सालों में इतने अलग-अलग किरदारों में जो कमाल किया है, वैसा कर दिखाने वाले अभिनेता बहुत कम हैं। मुझे लगता है कि उनकी बहुत कमी महसूस होगी। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। समीक्षकों द्वारा प्रशंसित निर्देशक सुभाष घई ने भी अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें "महान अभिनेता" होने के साथ-साथ महान इंसान भी बताया।
सादगी व समाजसेवा को किया याद
उनके बारे में बात करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं, क्योंकि वे सिर्फ एक स्टार नहीं थे। वे सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि एक महान इंसान भी थे। वे अपनी मानवता के कारण एक महान अभिनेता बने। वे अपने सरल स्वभाव के कारण एक महान स्टार बने। वे तब भी साधारण पायजामे में घूमते थे। देखिए, वे कितनी बार अपनी कमाई बच्चों की मदद के लिए दान करते थे और सामाजिक सेवा में लगे रहते थे, सुभाष घई ने एएनआई से बात करते हुए कहा। नाना पाटेकर एक प्रसिद्ध अभिनेता थे जिन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा दोनों में महत्वपूर्ण छाप छोड़ी।
हिंदी और मराठी सिनेमा में छोड़ी अमिट छाप
उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1978 की फिल्म 'गमन' से की और 'परिंदा', 'प्रहार', 'अंगार', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'खामोशी' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों में सराहनीय अभिनय किया। हाल के वर्षों में भी पाटेकर फिल्मों में सक्रिय रहे। 75 वर्षीय अभिनेता अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख और अन्य कलाकारों के साथ फिल्म हाउसफुल 5 में नजर आए थे। उन्होंने विशाल भारद्वाज की 'ओ'रोमियो' में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका भी निभाई, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी हैं। पाटेकर ने आगे 'सूबेदार' में एक कैमियो भूमिका निभाई, जिसमें अनिल कपूर और राधिका मदान थे।
(इनपुट: ANI)
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