दिवाली से पहले मैरी मिलबेन ने फिर गाया 'ओम जय जगदीश हरे', वायरल भजन ने जीता था दिल
लॉस एंजेलिस: दिवाली का त्योहार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनियाभर में अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग इसे उत्साह के साथ मनाते हैं। रोशनी के इस त्योहार का इंतजार अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन को भी बेसब्री से है। दिवाली से पहले उन्होंने अपना लोकप्रिय भक्ति भजन 'ओम जय जगदीश हरे' एक बार फिर गाकर प्रशंसकों को खास तोहफा दिया है। शुक्रवार को मैरी मिलबेन ने दिवाली के प्रति अपना उत्साह जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर 'ओम जय जगदीश हरे' की अपनी पुरानी वायरल प्रस्तुति दोबारा साझा की। उनके इस भजन को पहले भी काफी पसंद किया गया था। अपनी पोस्ट में उन्होंने बाइबल के 1 जॉन 1:5 का उल्लेख करते हुए लिखा कि ईश्वर प्रकाश हैं और उनमें बिल्कुल भी अंधकार नहीं है। उन्होंने दिवाली के संदेश को अंधकार पर प्रकाश की जीत से जोड़ते हुए लोगों से ईश्वर की रोशनी, सच्चाई, प्रेम, पवित्रता और शांति को अपनाने की अपील की। मैरी ने यह भी बताया कि रविवार, 8 नवंबर को दिवाली के मौके पर उनकी यह यादगार प्रस्तुति एक बार फिर दर्शकों के सामने आएगी।
ट्रेडिशनल लुक में नजर आईं मैरी मिलबेन
भजन के वीडियो में मैरी मिलबेन ऑरेंज और पिंक रंग के लहंगे में नजर आ रही हैं। माथे पर बिंदी और पारंपरिक ज्वेलरी के साथ उनका भारतीय अंदाज देखने को मिला। उनकी इस प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति और भक्ति की झलक दिखाई देती है। 'ओम जय जगदीश हरे' लोकप्रिय हिंदी भक्ति भजनों में से एक है। दिवाली के दौरान भारत समेत दुनियाभर के भारतीय घरों में इस भजन को श्रद्धा और भक्ति के साथ गाया जाता है। पूजा और आरती के दौरान भी इसका विशेष महत्व रहता है। दिवाली को रोशनी का त्योहार कहा जाता है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मान्यता के अनुसार, भगवान राम रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद इसी दिन अयोध्या लौटे थे और उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाए थे। इसके अलावा यह त्योहार देवी लक्ष्मी के आगमन और सिख धर्म में गुरु हरगोबिंद जी की कैद से रिहाई की याद में भी मनाया जाता है। इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी।
(एएनआई)
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