दिग्गज सिंगर एस.जानकी अम्मा के निधन पर पीएम मोदी ने किया शोक व्यक्त
नई दिल्ली: शनिवार 11 जुलाई 2026 को दिग्गज सिंगर एस.जानकी अम्मा का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। एस.जानकी अम्मा के निधन की खबर सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही उनके परिवार व प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए संगीत एवं मनोरंजन के क्षेत्र में उनके बहुभाषी और विशाल करियर को याद किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस महान गायिका की मधुर धुनें आने वाली पीढ़ियों को भी मंत्रमुग्ध करती रहेंगी।
स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुआ निधन
भारत की सबसे प्रसिद्ध पार्श्व गायिकाओं में से एक एस.जानकी का शुक्रवार को 88 वर्ष की आयु में वृद्धावस्था संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया। भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ आवाजों में से एक मानी जाने वाली सिंगर एस.जानकी अम्मा ने छह दशकों से अधिक के शानदार करियर का आनंद लिया और कई भारतीय भाषाओं में हजारों गाने गाए।
पीएम मोदी ने गायिका की उल्लेखनीय बहुमुखी प्रतिभा को किया याद
एक पोस्ट में पीएम मोदी ने गायिका की उल्लेखनीय बहुमुखी प्रतिभा को याद किया और कहा कि उनके गाने अद्वितीय गरिमा के साथ हर भावना को खूबसूरती से व्यक्त करते थे। प्रख्यात पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विभिन्न भाषाओं में उनके गीत पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे। उन्होंने अद्वितीय गरिमा और बहुमुखी प्रतिभा के साथ हर भावना को अभिव्यक्त किया। उनकी मधुर धुनें आने वाले वर्षों में भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और संपूर्ण संगीत जगत के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ओम शांति,”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा...
उन्होंने कहा, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी शोक व्यक्त करते हुए उनके निधन को संगीत जगत और राष्ट्र की कलात्मक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। X पर एक पोस्ट में उपराष्ट्रपति ने कहा कि जानकी की असाधारण आवाज ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और पीढ़ियों से अनगिनत दिलों को छुआ। उपराष्ट्रपति ने कहा, दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से मैं बहुत दुखी हूं, जिनकी असाधारण आवाज ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और पीढ़ियों से अनगिनत दिलों को छुआ।
साठ वर्षों से अधिक के उनके गौरवशाली करियर पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने विभिन्न विधाओं में उनकी असाधारण बहुमुखी प्रतिभा और निपुणता की प्रशंसा की। पोस्ट में लिखा, एक अद्वितीय अभिव्यंजक आवाज और असाधारण बहुमुखी प्रतिभा से संपन्न एस.जानकी अम्मा ने छह दशकों से अधिक समय तक तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और कई अन्य भाषाओं में हजारों गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने शास्त्रीय, भक्ति और लोक संगीत रचनाओं में समान रूप से निपुणता प्रदर्शित की और जिस भी विधा को अपनाया, उस पर अपनी छाप छोड़ी।
एक ऐसी विरासत छोड़ी है जो संगीत प्रेमियों को समान रूप से करती रहेगी प्रेरित
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि उनके गीतों ने भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं को पार करते हुए संगीत की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से लाखों श्रोताओं को एक साथ जोड़ा। उपराष्ट्रपति ने कहा, एस.जानकी अम्मा का निधन संगीत जगत और देश की कलात्मक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। भारतीय संगीत में उनके अपार योगदान के माध्यम से उन्होंने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जो कलाकारों और संगीत प्रेमियों को समान रूप से प्रेरित करती रहेगी।
अपोलो बीजीएस अस्पताल के सलाहकार चिकित्सक डॉ. संजीव राव गिरिमाजी ने बताया, उन्हें दोपहर करीब 1 बजे बुखार की शिकायत के साथ अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। उनकी हालत बेहद गंभीर थी और ब्लड प्रैशर बहुत कम था। आपातकालीन विभाग में उनकी हालत स्थिर की गई और बाद में उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।
कई बार कार्डियक अरेस्ट
आईसीयू में आंतरिक पुलिस और न्यूरोलॉजिस्ट सहित कई विशेषज्ञ टीमें उनकी देखभाल कर रही थीं। करीब 4:30 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसे बाद में पुनर्जीवित कर लिया गया। इसके बाद करीब 6:30 बजे उन्हें फिर से कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसे बाद में पुनर्जीवित कर लिया गया। और करीब 7 बजे उन्हें फिर से कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उन्हें बचाया नहीं जा सका।
(एएनआई)
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