बालिका भेदभाव की दर्दनाक सच्चाई दिखाती है लघु फिल्म 'रेवा: द अनसीन वूंड'
मुंबई (महाराष्ट्र): सामाजिक मुद्दों पर आधारित लघु फिल्म 'रेवा: द अनसीन वूंड' बालिका भेदभाव की गंभीर समस्या को प्रभावशाली ढंग से सामने लाती है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और समाज को एक मजबूत संदेश देने का प्रयास करती है।
सच्ची घटनाओं से प्रेरित है फिल्म
पराग चापेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण बलविंदर सिंह और डॉ. परविंदर सिंह लुबाना ने किया है। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की शूटिंग नर्मदा नदी के किनारे की गई है।
पुनर्जन्म और न्याय की भावनात्मक कहानी
फिल्म एक ऐसी युवती की मार्मिक कहानी को दर्शाती है, जिसकी बालिका होने के कारण उसके अपने परिवार द्वारा हत्या कर दी जाती है। वर्षों बाद एक आध्यात्मिक संबंध के माध्यम से उसकी कहानी सामने आती है, जो पुनर्जन्म और न्याय का प्रतीक बनती है। फिल्म "बालिका बचाओ, हमारा भविष्य बचाओ" का सशक्त संदेश देती है और नर्मदा नदी को सत्य एवं न्याय की मूक गवाह के रूप में प्रस्तुत करती है।
निर्माता और निर्देशक ने कही ये बात
फिल्म के निर्माता बलविंदर सिंह ने कहा, "रेवा सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक जागृति है। यह हमें याद दिलाती है कि निर्दोषता के खिलाफ किया गया कोई भी अपराध हमेशा छिपा नहीं रह सकता।" वहीं निर्देशक पराग चापेकर ने कहा, "यह फिल्म वास्तविकता और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम है। यह हर उस बालिका की आवाज बनती है, जो गरिमा और जीवन की हकदार है।"
फिल्म की स्टार कास्ट
फिल्म में केतकी सागर वाही, रश्मी गुप्ता, डॉ. परविंदर लुबाना, डॉ. श्रेया यादव, संचित भावसार, तुषार मित्र, संजय कुमार, अर्जुन, रावी कौर लुबाना और प्रवी कौर लुबाना ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
(एएनआई)
यह भी पढ़े: 'जल्द विराट कोहली से मिलकर खेलना चाहता हूं क्रिकेट और टेनिस': नोवाक जोकोविच