अभिनेत्री शबाना आज़मी H1N1 संक्रमण के कारण आइसोलेश

शबाना आज़मी H1N1 संक्रमित, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य बिगड़ा

Shabana Azmi Tests Positive for H1N1 After Supporting Protest at Jantar Mantar

नई दिल्ली,(भारत)। वयोवृद्ध अभिनेत्री शबाना आज़मी, जिन्होंने जंतर-मंतर पर तीन दिन प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया, शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने वाली थीं, लेकिन H1N1 (स्वाइन फ्लू) से संक्रमित पाए जाने के बाद वे उपस्थित नहीं हो सकीं।

आज़मी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया

आज़मी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया था और शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में होने वाले एक अन्य प्रदर्शन में शामिल होने वाली थीं। हालांकि, बीमार पड़ने के कारण वे उपस्थित नहीं हो सकीं। अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "मेरे प्यारे मुंबईवासियों, मुझे कल आपके विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था, लेकिन मैं H1N1 से संक्रमित हो गई हूं और अगले पांच दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा। फिर भी, मैं अपनी एकजुटता और आभार व्यक्त करना चाहती हूं।"

जमीनी स्तर पर मौजूद युवाओं से प्रत्यक्ष जानकारी मिली

उन्होंने आगे कहा, "मुझे जमीनी स्तर पर मौजूद युवाओं से प्रत्यक्ष जानकारी मिल रही है, उनमें से कई पहली बार किसी विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं और उन्होंने अनुभव किया है कि उनकी आवाज कितनी मायने रखती है।" आज़मी ने यह भी कहा कि छात्रों के साहस ने उन्हें लगातार प्रेरित किया है। उन्होंने अपने पिता, कवि कैफ़ी आज़मी की कविता 'नौजवान' को अपने संदेश के साथ साझा किया। उन्होंने लिखा, "मैं आपके साहस और प्रतिबद्धता से लगातार प्रेरित होती रहती हूं और आपके साथ एकजुटता से खड़ी हूं। मेरे पिता कैफ़ी आज़मी की युवाओं के लिए लिखी कविता 'नौजवान', जिसे मैं यहां साझा कर रही हूं।"

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा 

नीट सहित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हफ्तों से चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया, जिसमें कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुईं और 26 दिनों की भूख हड़ताल पर रहीं। (एएनआई)

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