शहीद पुलिसकर्मियों के सम्मान में यूपी पुलिस ने रिलीज की अमित साध की शॉर्ट फिल्म ‘वर्दी’
मुंबई (महाराष्ट्र): पुलिस स्मृति दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘वर्दी’ नाम की एक विशेष शॉर्ट फिल्म रिलीज की है। इस फिल्म में अभिनेता अमित साध मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। फिल्म उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा करते हुए अपने कर्तव्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के साहस की कहानी
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के मार्गदर्शन में बनी यह फिल्म उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के दिवंगत इंस्पेक्टर सुनील कुमार के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को दर्शाती है। सुनील कुमार को उनके अदम्य साहस के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था। एक बयान के अनुसार, फिल्म में एक शहीद के परिवार के जीवन को संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। इसमें अपनों को खोने के बाद परिवार के भीतर रह जाने वाले सन्नाटे और खालीपन के साथ-साथ शहीद के सेवा भाव और बलिदान पर परिवार के गर्व को भी दर्शाया गया है। इससे पहले 1 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत इंस्पेक्टर सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नकद राशि और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया था।
तिग्मांशु धूलिया ने किया फिल्म का निर्देशन
फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने इस शॉर्ट फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म में अभिनेता अमित साध के साथ दिग्गज टीवी अभिनेत्री अलका अमीन और नाज़िश खान भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट और वॉयस-ओवर उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर में तैनात कांस्टेबल कपिल दिनकर ने तैयार किया है। वहीं, इसका क्रिएटिव डायरेक्शन राहुल श्रीवास्तव (आईपीएस), पुलिस अधीक्षक एवं उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के जनसंपर्क अधिकारी ने किया है।
मुंबई में हुई फिल्म की शूटिंग
इस शॉर्ट फिल्म की शूटिंग मुंबई में की गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसे राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से तैयार किया है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर इसे यूपी पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जारी किया गया। फिल्म ‘वर्दी’ का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की कहानियों को आम लोगों तक पहुंचाना है। इसके जरिए देश और समाज की सुरक्षा में जुटे पुलिस बल के जवानों को प्रेरित करने तथा शहीदों के परिवारों के त्याग और संघर्ष को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
(एएनआई)
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