पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से गिरफ्तार 13 बांग्लाभाषियों को रिहा करवाया
13 बांग्लाभाषियों को रिहा करवाया
पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से गिरफ्तार किए गए 13 बांग्लाभाषियों को रिहा करवा दिया। इन बांग्लाभाषियों को बांग्लादेशी होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए सभी बांग्लाभाषी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और नदिया जिले के रहने वाले हैं। ये दोनों जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं।
बांग्लादेशी होने के संदेह में गिरफ्तारी
पश्चिम बंगाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन बांग्लाभाषियों को रिहा किया, जिन्हें बांग्लादेशी नागरिक समझकर पकड़ा गया था। बाद में पुष्टि हुई कि वे सभी भारतीय नागरिक हैं।
वाराणसी में पकड़े गए थे मजदूर
पश्चिम बंगाल पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुर्शिदाबाद जिले के 12 और नदिया जिले के एक बांग्लाभाषी को वाराणसी जिले में पकड़ा था। सभी गिरफ्तार बांग्लाभाषी मजदूर हैं और मजदूरी के लिए ही वे वाराणसी गए थे।
परिजनों ने पुलिस से की शिकायत
सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार बांग्लाभाषियों ने अपने परिजनों को अपनी गिरफ्तारी की सूचना दी। इसके बाद उनके परिजनों ने अपने-अपने इलाके की पुलिस से गुहार लगाई।
बंगाल पुलिस ने दिए दस्तावेज
मुर्शिदाबाद और नदिया जिले के पुलिस अधिकारियों ने वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट से संपर्क किया और गिरफ्तार बांग्लाभाषियों के संबंध में प्रमाण के साथ पूरी जानकारी साझा की। जानकारी की पुष्टि के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी 13 बांग्लाभाषियों को रिहा कर दिया। वाराणसी के चोलापुर थाना की पुलिस ने इन बांग्लाभाषियों को गिरफ्तार किया था।
कहां के रहने वाले हैं रिहा लोग
पश्चिम बंगाल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रिहा किए गए 13 बांग्लाभाषियों में
- 10 बांग्लाभाषी मुर्शिदाबाद के बेलडांगा थाना क्षेत्र के,
- 2 बांग्लाभाषी रेजीनगर थाना क्षेत्र के,
- 1 बांग्लाभाषी नदिया जिले के कालीगंज थाना क्षेत्र का निवासी है।
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