Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया में ढही दो मंजिला इमारत, 2 मजदूरों की मौत
चंडीगढ़। शहर के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां रिनोवेशन (मरम्मत) के काम के दौरान एक दो मंजिला इमारत ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबे दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इमारत गिरने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और करीब साढ़े पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे लोगों को निकाला जा सका।
रिनोवेशन के दौरान अचानक जमींदोज हुई इमारत, मलबे में दबे 5 मजदूर
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित प्लॉट नंबर 28/9 (होटल द फर्न के पास) में शनिवार शाम को अचानक एक दो मंजिला इमारत गिर गई। घटना के वक्त बिल्डिंग के अंदर रिनोवेशन (नवीनीकरण) का काम चल रहा था, जिस वजह से वहां मजदूर मौजूद थे। इमारत के गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई और लगभग पांच लोग मलबे और कंक्रीट के भारी स्लैब के नीचे दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को तलाशने के लिए फौरन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी बुलाया गया, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही दो ने तोड़ा दम, तीन घायलों का इलाज जारी
रेस्क्यू टीमों ने कंक्रीट के भारी स्लैब को उठाने के लिए अत्याधुनिक और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया। लगभग साढ़े पांच घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मलबे से निकाले गए इन तीनों घायलों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, मलबे से निकाले गए दो अन्य पीड़ितों को सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों पीड़ितों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था (Brought Dead)।
चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने हादसे की जानकारी देते हुए कहा, "शनिवार को जब रिनोवेशन का काम चल रहा था, तब इमारत गिरने से लगभग पांच मजदूर अंदर फंस गए थे। मलबे में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में मेडिकल सहायता दी गई है।"
मेयर ने आगे बताया कि एनडीआरएफ, पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग ने कंक्रीट के स्लैब को हटाने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग करके संयुक्त रूप से इस बचाव अभियान को अंजाम दिया। इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि बरसात के मौसम को देखते हुए प्रशासन को इस अवधि के दौरान रिनोवेशन के कामों पर रोक लगानी चाहिए।
को-वर्किंग स्पेस में चल रहा था काम
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस चावला ने इस घटना पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें पता चला है कि इस इमारत के अंदर किराए पर एक को-वर्किंग स्पेस संचालित हो रहा था। इसी वजह से वहां मजदूर काम पर लगे हुए थे। एमपीएस चावला ने हादसे की वजह पर बात करते हुए कहा, "यह हादसा संभवतः स्ट्रक्चरल कमियों (ढांचागत खामियों) के कारण हुआ है, क्योंकि इस समय तो बारिश भी नहीं हो रही थी। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। तीन या चार लोगों को पहले ही एम्बुलेंस से ले जाया जा चुका था, और दो अन्य के अंदर फंसे होने की रिपोर्ट थी।"
इस बीच, कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल ने भी हादसे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। (यह खबर ANI से सीधे संपादित की गई है।)
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