देश में बैंकों के एटीएम की संख्या हाल में काफी कमी

देश में डिजिटल भुगतान के कारण साल भर में बंद हो गये 2360 बैंक एटीएम

2360 bank ATMs closed in the country in a year

नई दिल्ली। देश में बैंकों के एटीएम की संख्या हाल में काफी कमी आयी है। इसका मुख्य कारण डिजिटल भुगतान (UPI, मोबाइल बैंकिंग) का तेजी से बढ़ना है जिससे नकदी निकालने की आवश्यकता कम हो गई है। हालांकि इस दौरान बैंक शाखाओं की संख्या बढ़ी है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इस बात का खुलासा रिजर्व बैंक में की रिपोर्ट में हुआ है।

देश में तेजी से बढ़ा है डिजिटल भुगतान का चलन

देश में हाल में डिजिटल भुगतान (UPI, मोबाइल बैंकिंग) का चलन तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर देश भर में लगे ऑटोमेटेड टेलर मशीनों (एटीएम) की संख्या पर पड़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 'ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया' रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में कुल एटीएम की संख्या लगभग 2.51 लाख रह गई, जो पिछले वर्ष से लगभग 2,360 कम थी। इसमें निजी बैंकों ने सबसे अधिक कटौती की है। आरबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में डिजिटल लेनदेन बढ़ने की वजह से एटीएम की संख्या में गिरावट आ रही है। 31 मार्च 2025 तक देश में एटीएम की कुल संख्या 2,51,057 थी। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक देश में 2,53,417 एटीएम मशीनें थीं। यानी साल भर में 2360 एटीएम घट गए।

आरबीआई ने जारी की ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया नामक रिपोर्ट

आरबीआई ने ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया नामक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक दोनों ने एटीएम नेटवर्क में कटौती की है। प्राइवेट बैंकों के एटीएम की संख्या 79,884 से घटकर 77,117 हो गई, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम 1,34,694 से घटकर 1,33,544 रह गए। दोनों ने ऑफसाइट एटीएम बंद किए, जिससे आंकड़ा प्रभावित हुआ। हालांकि, व्हाइट लेबल एटीएम (जो बैंक से स्वतंत्र रूप से चलते हैं) की संख्या 34,602 से बढ़कर 36,216 हुई। इनमें टाटा, मुथूट जैसी कंपनियों द्वारा संचालित व्हाइट-लेबल एटीएम शामिल हैं। 

डिजिटल तकनीकों द्वारा संचालित वैकल्पिक चैनलों के बावजूद बैंक नई शाखाएं खोलना जारी रखे हुए हैं। बीते वित्त वर्ष बैंकों की शाखाओं की संख्या में 2.8% की वृद्धि हुई। 31 मार्च 2025 तक देश में 1.64 लाख शाखाएं थीं। नई शाखाएं खोलने में निजी बैंकों की हिस्सेदारी 2023-24 में 67.3% थी जो 2024-25 में घटकर 51.8% रह गई।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/south-korean-man-stabbed-to-death-in-greater-noida-live-in-partner-arrested/103673

ग्रेटर नोएडा में दक्षिण कोरियाई पुरुष की हत्या, लिव-इन पार्टनर गिरफ्तार