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आरएसएस-बीजेपी में भेदभाव बहता है': पवन खेड़ा

पवन खेड़ा

नई दिल्ली । कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण' समारोह को लेकर भाजपा की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह घटना दलितों के खिलाफ भेदभाव को दर्शाती है।

शुद्धिकरण को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया

खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की टिप्पणी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा इस घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताना पर्याप्त नहीं है और आरोप लगाया कि यह प्रथा जाति आधारित भेदभाव की निरंतरता को दर्शाती है। X पर उन्होंने लिखा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नड्डा जी ने खरगे जी की रैली के बाद हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। सच्चाई यह है कि आरएसएस-भाजपा की रगों में खून की तरह भेदभाव बहता है। अब उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण को जायज ठहराया है। 21वीं सदी में भी दलित ऐसे अमानवीय व्यवहारों का शिकार हो रहे हैं। यह अपने आप में एक त्रासदी है। लेकिन अगर राज्यसभा में विपक्ष के नेता और देश के सबसे बड़े दलित नेताओं में से एक के साथ ऐसा हो सकता है, तो इससे स्पष्ट होता है कि आम दलितों की रोजमर्रा की जिंदगी कितनी बदतर होगी।”

क्या हटाया जाएगा बयान देने वाला नेता

उन्होंने आगे सवाल उठाया कि क्या भाजपा भट्ट के इन बयानों पर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी और आरोप लगाया कि सामाजिक सद्भाव और दलितों के सम्मान पर पार्टी के बयान सिर्फ राजनीतिक हैं। उन्होंने कहा, “अब जब पार्टी के अपने ही प्रदेश अध्यक्ष ने खुलेआम छुआछूत का बचाव किया है, तो क्या पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी? क्या मोदी उन्हें हटाएंगे? अगर नहीं, तो मोदी की दलितों के प्रति एकता और सम्मान की बड़ी-बड़ी अपीलें सिर्फ एक और राजनीतिक दिखावा हैं।” कांग्रेस नेता की ये टिप्पणी महेंद्र भट्ट के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने शुद्धिकरण समारोह का बचाव करते हुए कहा था कि यह किसी विशेष व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाकर नहीं किया गया था और इसका संबंध खरगे की रैली स्थल पर कथित घटना से था। (एएनआई)

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