ओआरएस के नाम पर जूस और एनर्जी ड्रिंक बेचने वाली कंपनियों पर कार्रवाई का आदेश
सरकार ने लिया सख्त रुख
“ओआरएस” के नाम पर फलों के जूस और एनर्जी ड्रिंक्स बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाया है।
ऑनलाइन मार्केट से ऐसे उत्पाद हटाने के निर्देश
सरकार ने आदेश दिया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और बाजारों में जो कंपनियां ओआरएस जैसे पैक में फलों के जूस व इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक बेच रही हैं, उन पर तुरंत रोक लगाई जाए।
एफएसएसएआई ने राज्यों को छापेमारी के आदेश दिए
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी राज्यों से कहा है कि ऐसे उत्पादों पर कार्रवाई करते हुए छापेमारी करें और इन्हें तुरंत जब्त करें।
उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप
विभाग ने बताया कि कुछ कंपनियां ओआरएस जैसी पैकेजिंग का इस्तेमाल करके नकली उत्पाद बेच रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को असली ओआरएस जैसा भ्रम होता है।
डब्ल्यूएचओ फॉर्मूला नहीं, न ही इलाज में उपयोगी
एफएसएसएआई के अनुसार, इन नकली उत्पादों में न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वाला ओआरएस फॉर्मूला होता है और न ही चिकित्सीय प्रभाव। इसके बावजूद “ओआरएस” शब्द का उपयोग कर इन्हें दवा जैसा दिखाया जाता है, जो खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 का उल्लंघन है।
असली ओआरएस पर कोई रोक नहीं
सिर्फ नकली और भ्रम फैलाने वाले पेय पर कार्रवाई की जाएगी। असली मेडिकल ओआरएस प्रभावित नहीं होगा।
राज्यों को तुरंत अभियान चलाने के निर्देश
एफएसएसएआई ने राज्यों को कहा है कि ई-कॉमर्स और रिटेल दुकानों पर निरीक्षण कर ऐसे उत्पाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।
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