इस नकली टैबलेट का बैच नंबर ACG25007 है, जिसका निर्

अहमदाबादः नकली ब्लड प्रेशर की दवाइयों के अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़

अहमदाबाद (गुजरात) । अहमदाबाद शहर अपराध शाखा ने गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान में उच्च रक्तचाप के उपचार में प्रयुक्त नकली दवाओं के निर्माण, खरीद और अंतरराज्यीय वितरण में कथित रूप से संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त के पर्यवेक्षण में की गई।

जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने दर्ज कराई थी शिकायत

यह मामला तब सामने आया जब जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने 19 अगस्त को गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन को नकली निकार्डिया रिटार्ड 10 (निफेडिपाइन सस्टेन्ड रिलीज टैबलेट आईपी 10 मिलीग्राम) की बिक्री और प्रचलन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। इस नकली टैबलेट का बैच नंबर ACG25007 है, जिसका निर्माण जून 2025 में हुआ था और जिसकी वैधता मई 2028 में समाप्त हो रही है। कंपनी ने बाद में अहमदाबाद शहर पुलिस से संपर्क किया। नकली दवाओं के स्रोत का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए अपराध शाखा और खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान, अहमदाबाद और गुजरात के अन्य हिस्सों में स्थित मेडिकल स्टोरों में नकली दवाएं पाई गईं।

लखनऊ के सेना मेडिकल की निर्मित थी

जांच में पता चला कि स्टॉक की आपूर्ति अहमदाबाद के पालडी स्थित पार्श्व मेडिकल एजेंसी के माध्यम से की गई थी और यह  उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित सेना मेडिकल की बनी हुई थी। इसके अलावा, राजस्थान के जयपुर से भी संबंध पाए गए। पुलिस ने बताया कि नाडियाड स्थित किशन मेडिकल स्टोर से नकली निकार्डिया रिटार्ड 10 की 30 स्ट्रिप्स जब्त की गईं। भुज स्थित नवकार मेडिकल एजेंसी और महादेव मेडिकल एजेंसी से भी अतिरिक्त मात्रा में नकली दवाएं बरामद की गईं। कच्छ स्टॉक की जांच में पता चला कि इसकी आपूर्ति जयपुर स्थित एवीआर मेडिकोज के माध्यम से हुई थी। आरोपियों ने कथित तौर पर नकली गोलियों का निर्माण और पैकेजिंग इस तरह से की थी कि वे असली दवा से हूबहू मिलती-जुलती हों, जिसमें नाम, लेबलिंग और बैच की जानकारी भी शामिल थी। तीन आरोपियों - अहमदाबाद निवासी 39 वर्षीय दशील, लखनऊ निवासी 39 वर्षीय देवेंद्र और लखनऊ निवासी 34 वर्षीय उमंग को 26 अगस्त को रात लगभग 9:45 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि दशील कथित तौर पर नकली दवाएं खरीदकर उप-वितरकों को सप्लाई करता था, जबकि देवेंद्र और उमंग कथित तौर पर भारी छूट पर दवाएं खरीदकर गुजरात भेजते थे। (एएनआई)

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