अमित शाह ने 36,852 पुलिस शहीदों को किया नमन, शौर्य दीवार पर जुड़े 154 नए नाम
नई दिल्ली (भारत)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (नेशनल पुलिस मेमोरियल) में राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सुरक्षा बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने किया था राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया था। यह स्मारक देशभर के उन पुलिसकर्मियों को समर्पित है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शाह के अनुसार, स्मारक का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहें और कर्तव्यों का पालन करते हुए हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें।
उन्होंने कहा, "2018 में, प्रधानमंत्री मोदी ने इस 'नेशनल पुलिस मेमोरियल' का उद्घाटन किया था, जो देश भर के उन सभी पुलिसकर्मियों को समर्पित है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इसका मकसद यह है कि पुलिसकर्मियों की आने वाली पीढ़ियां यहां से प्रेरणा लें, अपनी जिम्मेदारियों के प्रति हमेशा सतर्क रहें और अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए भी तैयार रहें।"
शहीदों की सूची में 154 नए नाम शामिल
गृह मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देशभर के नागरिकों के लिए श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण स्थल बन गया है। यहां लोग ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 36,852 पुलिसकर्मियों को नमन करते हैं और उनके बलिदान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष शहीदों की सूची में 154 नए नाम जोड़े गए हैं। इस अवसर पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक महेश ने नए शहीदों के नाम पढ़कर सुनाए।
शाह ने कहा, "यह जगह देश भर के नागरिकों के लिए एक तीर्थस्थल बन गई है। कृतज्ञ नागरिक यहां आकर 36,852 पुलिसकर्मियों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं और देश की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस साल, इस सूची में 154 और बहादुर जवानों के नाम जोड़े गए हैं। IB के निदेशक महेश जी ने उनके नाम पढ़कर सुनाए, ताकि हम उन्हें नमन कर सकें। मैं हाथ जोड़कर इन शहीदों को नमन करता हूं।"
CAPF जवानों के योगदान की अमित शाह ने की सराहना
अमित शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ देश के भीतर भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जवान अपने घरों से दूर रहकर चुनाव, त्योहारों और सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। शाह के मुताबिक, लोकतंत्र की रक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने में CAPF का योगदान महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “मैं CAPF के सभी जवानों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करना चाहता हूं, चाहे वे हमारी सीमाओं पर तैनात हों या देश के भीतर सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी निभा रहे हों। अपने घरों से दूर रहकर, वे हमेशा सतर्क रहते हैं—चाहे चुनाव हों, त्योहार हों, सार्वजनिक प्रदर्शन हों या सीमाओं की सुरक्षा—और इस तरह वे हमारी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं। वे पूरी निष्ठा से अपने पदों पर डटे रहते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि देश का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे। देश के लोकतंत्र की रक्षा करने की बात हो या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने की, CAPF के बिना हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते।”
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में CAPF की भूमिका की तारीफ
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने CAPF जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बंगाल में ऐतिहासिक रूप से चुनाव से जुड़ी हिंसा की घटनाएं होती रही हैं, जिनमें हर चुनाव के दौरान सैकड़ों नागरिकों की जान जाने की बात सामने आती रही है। शाह ने दावा किया कि CAPF जवानों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को बिना किसी की जान गंवाए संपन्न कराकर बड़ी सफलता हासिल की और एक नया मानक स्थापित किया।
उन्होंने कहा, “हाल ही में हुए बंगाल चुनावों को ही देख लीजिए। जहां देश ने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव से जुड़ी हिंसा को खत्म कर दिया है, वहीं बंगाल में ऐतिहासिक रूप से ऐसी हिंसा होती रही है, जिसमें हर चुनाव में सैकड़ों नागरिकों की जान चली जाती है। मैं CAPF के सभी जवानों की दिल से सराहना करता हूं; उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनावों को बिना किसी की जान गए संपन्न कराकर एक बड़ी सफलता हासिल की है और एक नया मानक स्थापित किया है। अब यह बात सर्वमान्य है कि पूरा देश चुनाव से जुड़ी हिंसा से मुक्त हो गया है।” (Source: ANI)
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