APJ Abdul Kalam Jayanti 2026: युवाओं के लिए प्रेरणा हैं मिसाइल मैन के विचार, जानें डॉ. कलाम की जिंदगी से जुड़ी खास बातें
नई दिल्ली: भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन मेहनत, लगन और बड़े सपने देखने की प्रेरणा देता है। उन्हें देशभर में 'मिसाइल मैन' और 'जनता के राष्ट्रपति' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश को नई पहचान दिलाई। उनके विचार आज भी युवाओं को मुश्किलों का सामना करने, असफलताओं से सीखने और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। हर साल 15 अक्टूबर को उनकी जयंती मनाई जाती है। इस मौके पर आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी खास बातें और उनके प्रेरक विचारों के बारे में।
रामेश्वरम में हुआ था जन्म, बचपन से ही मेहनती थे कलाम
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता नाव चलाने का काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, इसलिए कलाम ने बचपन में परिवार की मदद के लिए अखबार बेचने का काम भी किया। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज से भौतिक विज्ञान में स्नातक किया और इसके बाद मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
वैज्ञानिक के रूप में देश को दिलाई नई पहचान
डॉ. कलाम ने लगभग चार दशक तक वैज्ञानिक और विज्ञान प्रशासक के रूप में काम किया। वे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े रहे। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइलों के विकास में अहम भूमिका निभाई। मिसाइल और प्रक्षेपण यान तकनीक के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण उन्हें 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' कहा जाने लगा। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने वर्ष 1998 में हुए पोखरण-II परमाणु परीक्षणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन परीक्षणों ने भारत की वैज्ञानिक और रक्षा क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया। इससे पहले भारत ने 1974 में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था। विज्ञान और रक्षा क्षेत्र में उनके योगदान ने उन्हें देश के प्रमुख वैज्ञानिकों में शामिल कर दिया।
देश के 11वें राष्ट्रपति बने डॉ. कलाम
वर्ष 2002 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति चुने गए। उन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और तत्कालीन विपक्षी कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और देश के भविष्य पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना था कि भारत की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसी वजह से उन्हें 'जनता का राष्ट्रपति' भी कहा जाता है। राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वे शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहे। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' सहित उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
27 जुलाई 2015 को हुआ निधन
डॉ. कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 को 83 वर्ष की उम्र में हुआ था। वे भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा और बाद में उनका निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए। उनके जाने से देश ने एक महान वैज्ञानिक, शिक्षक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को खो दिया, लेकिन उनके विचार आज भी लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं कलाम के विचार
डॉ. कलाम का मानना था कि जीवन में सफलता पाने के लिए बड़े सपने देखना, मेहनत करना और असफलताओं से सीखना जरूरी है। वे युवाओं को आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह देते थे। उनके विचारों का संदेश है कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। यही सोच व्यक्ति को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की ताकत देती है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के प्रेरक विचार
- - सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें: बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए सबसे पहले उन पर विश्वास करना जरूरी है।
- - असफलता से सीखें: असफलता को अंत नहीं, बल्कि अपनी गलतियों को समझने और बेहतर बनने का अवसर मानें।
- - ज्ञान को अपनी ताकत बनाएं: लगातार सीखते रहना और नई चीजों को समझना जीवन में आगे बढ़ने में मदद करता है।
- - अपने लक्ष्य पर ध्यान दें: मुश्किलें आने पर भी अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
- - युवाओं की क्षमता पर भरोसा रखें: देश का भविष्य युवाओं की मेहनत, सोच और नए विचारों से बनता है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन बताता है कि साधारण परिस्थितियों से आने वाला व्यक्ति भी मेहनत, शिक्षा और दृढ़ संकल्प के दम पर असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनके विचार आज भी विद्यार्थियों और युवाओं को अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
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