देश में 3,688 राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों में 414

राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर स्मारकों की सीमाएं सुरक्षित करेगा ASI

Gajendra Singh Shekhawat Minister of Tourism of India (ANI Photo)

नई दिल्ली: सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा को बताया कि देश में कुल 3,688 प्राचीन स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक घोषित किया गया है और इनमें से 414 पर अतिक्रमण की सूचना मिली है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने इन अतिक्रमणों का संज्ञान लिया है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 (एएमएएसआर अधिनियम, 1958) के प्रावधानों के तहत किसी स्मारक के संरक्षण के लिए उस भूमि का अधिग्रहण या स्वामित्व अनिवार्य नहीं है, जिस पर स्मारक स्थित है। 

ASI संरक्षित स्मारकों से अतिक्रमण हटाने के लिए करेगा कार्रवाई

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का प्राथमिक उद्देश्य एएमएएसआर अधिनियम, 1958 और संबंधित नियमों के प्रावधानों के अनुसार, संरक्षित स्मारकों का संरक्षण और रख-रखाव करना है। मंत्री ने कहा कि जहां भी अतिक्रमण या अनधिकृत गतिविधियां देखी जाती हैं, वहां संबंधित प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाती है। स्मारकों की सीमा निर्धारित करने के लिए संरक्षित स्मारकों और स्थलों की सीमाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय राजस्व अधिकारियों के समन्वय से संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है। 

ASI ने स्मारकों की सीमाओं का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण किया पूरा

मंत्री ने बताया कि एएसआई ने संरक्षित स्मारकों और स्थलों की सीमाओं का सर्वेक्षण, जियो-रेफरेंसिंग और डिजिटलीकरण पूरा कर लिया है और इन्हें भुवन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जहां भी आवश्यक हो, संबंधित राज्य सरकारों और राजस्व अधिकारियों के समन्वय से ऐसे आंकड़ों को राज्य भूमि अभिलेखों के साथ एकीकृत किया जाता है। 

(इनपुट: ANI)

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