असम-मेघालय कैडर की 2006-बैच की IPS अधिकारी संयुक्त

आयरन लेडी ऑफ असम संयुक्ता पाराशर बनीं CoBRA की कमान संभालने वाली पहली महिला IG

Assam Iron Lady Sanjukta Parashar becomes first female IG of CoBRA

नई दिल्ली (भारत)। IPS अधिकारी संयुक्ता पाराशर, जिन्हें "आयरन लेडी ऑफ़ असम" के नाम से जाना जाता है, CRPF की खास जंगल वॉरफेयर कमांडो यूनिट, CoBRA की कमान संभालने वाली पहली महिला इंस्पेक्टर जनरल (IG) बन गई हैं। असम-मेघालय कैडर की 2006-बैच की यह IPS अधिकारी इस महीने की शुरुआत में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) में शामिल हुईं और पिछले हफ्ते उन्हें फोर्स की खास CoBRA यूनिट की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हें यह नाम तब मिला जब उन्होंने 2013-14 में सोनितपुर में पुलिस अधीक्षक के तौर पर NDFB के खिलाफ ऑपरेशन की अगुवाई की थी।

आतंकवाद-रोधी जाँच और पिछला प्रशासनिक अनुभव

असम की रहने वाली पाराशर ने राज्य पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) दोनों में काम किया है, जहाँ उन्होंने आतंकवाद-रोधी जाँच का काम संभाला। CoBRA की इंस्पेक्टर जनरल नियुक्त होने से पहले, वह असम पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की प्रमुख थीं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की और बाद में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से PhD पूरी की। अगस्त 2026 में CRPF में IG के तौर पर उनकी नियुक्ति की जानकारी सामने आई थी।

CoBRA यूनिट की वर्तमान चुनौतियाँ और भूमिका

पाराशर ने CoBRA की कमान ऐसे समय में संभाली है जब यह फ़ोर्स छत्तीसगढ़ और झारखंड के उन बड़े जंगली इलाकों को सुरक्षित करने का काम कर रही है जो पहले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। इन इलाकों में उग्रवाद-रोधी ऑपरेशन में फोर्स ने अहम भूमिका निभाई है। मणिपुर में भी CoBRA की दो बटालियन तैनात हैं, जहाँ जातीय तनाव से जुड़ी हिंसा रुक-रुक कर होती रही है। उनकी यह नियुक्ति CRPF की सीनियर ऑपरेशनल भूमिकाओं में महिला अधिकारियों की बढ़ती मौजूदगी के बीच हुई है।

CoBRA कमांडो यूनिट की विशेषज्ञता और कार्यशैली

CRPF की खास कमांडो यूनिट, CoBRA को खास तौर पर गुरिल्ला और जंगल वॉरफेयर के लिए ट्रेंड किया गया है। घने जंगलों में लंबी दूरी तक पैदल ऑपरेशन, मुश्किल इलाकों से गुज़रना, घात लगाकर हमला करना और जवाबी कार्रवाई करना, IED के खतरों से निपटना, खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करना इसकी मुख्य विशेषज्ञताएँ हैं। यह फोर्स छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे इलाकों में नक्सल-विरोधी ऑपरेशन में लंबे समय से अहम भूमिका निभा रही है। (Source: ANI)

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