नई दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स ने टू-स्टेट सॉल्यूशन के प्रति जताई अटूट प्रतिबद्धता
नई दिल्ली (भारत)। भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र में इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ के प्रति समूह की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई गई। BRICS ने 1967 की सीमाओं के आधार पर एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीन राज्य के गठन तथा संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता के समर्थन की बात कही। घोषणापत्र में गाजा की मानवीय स्थिति पर चिंता जताते हुए मानवीय सहायता सुनिश्चित करने, फिलिस्तीनी आबादी के जबरन विस्थापन और क्षेत्र में किसी भी भौगोलिक या जनसांख्यिकीय बदलाव का विरोध किया गया। साथ ही, UNRWA के लिए समर्थन और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया गया।
फिलिस्तीन की पूर्ण UN सदस्यता का समर्थन
ब्रिक्स ने सभी संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों, बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों सहित, में फिलिस्तीन के उचित प्रतिनिधित्व और उनके संसाधनों तक पहुंच की जरूरत पर जोर दिया। घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन राज्य की पूर्ण सदस्यता के लिए समर्थन दोहराया गया।
इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा के संबंधित प्रस्तावों तथा अरब शांति पहल का भी उल्लेख किया गया। समूह के अनुसार टू-स्टेट सॉल्यूशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 1967 की सीमाओं के भीतर एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीन राज्य की स्थापना शामिल होनी चाहिए।
गाजा और वेस्ट बैंक के साथ फिलिस्तीन राज्य की बात
घोषणापत्र में कहा गया कि प्रस्तावित फिलिस्तीन राज्य में गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक शामिल हों और पूर्वी यरूशलम उसकी राजधानी हो। इसका उद्देश्य "शांति और सुरक्षा के साथ अगल-बगल रहने वाले दो देशों के विज़न" को साकार करना बताया गया। ब्रिक्स ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र से फिलिस्तीनी आबादी के किसी भी हिस्से को जबरन विसिक्स ने उन उल्लंघनों की निंदा की जिनमें युद्ध के तरीके के तौर पर भुखमरी का इस्तेमाल, नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर हमले तथा मानवीय सहायता पहुंचाने में गैर-क्थापित करने का कड़ा विरोध किया। समूह ने गाजा पट्टी में किसी भी भौगोलिक या जनसांख्यिकीय बदलाव का भी विरोध किया।
गाजा की मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता
घोषणापत्र में कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों की स्थिति, खासकर गाजा की मानवीय स्थिति पर "गहरी चिंता" जताई गई। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून समेत अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की गई। ब्रिक्स ने उन उल्लंघनों की निंदा की जिनमें युद्ध के तरीके के तौर पर भुखमरी का इस्तेमाल, नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर हमले तथा मानवीय सहायता पहुंचाने में गैर-कानूनी रुकावट शामिल है।
UNRWA के लिए ब्रिक्स का दृढ़ समर्थन
ब्रिक्स ने मानवीय सहायता के राजनीतिकरण या सैन्यीकरण की कोशिशों की भी निंदा की। समूह ने UNRWA के लिए अपना "दृढ़ समर्थन" दोहराया और संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा उसे दिए गए अधिकार क्षेत्र का पूरी तरह सम्मान करने पर जोर दिया। घोषणापत्र के अनुसार, UNRWA अपने कामकाज के पांच क्षेत्रों में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करती है। ब्रिक्स ने उसके निर्धारित अधिकार क्षेत्र के सम्मान पर जोर दिया।
तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचने की अपील
समूह ने सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का सम्मान करने और "पूरी संयम" बरतने की अपील की। साथ ही, तनाव बढ़ाने वाले कदमों या उकसावे वाले बयानों से बचने का आग्रह किया गया। घोषणापत्र में दक्षिण अफ्रीका द्वारा इज़राइल के खिलाफ शुरू की गई कानूनी कार्यवाही में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के अंतरिम उपायों का भी उल्लेख किया गया। इनमें गाजा में मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की इज़राइल की कानूनी जिम्मेदारी को फिर से रेखांकित किया गया।
यरूशलम की स्थिति पर ब्रिक्स का रुख
यरूशलम के मामले में ब्रिक्स ने कब्जे वाले यरूशलम की कानूनी और ऐतिहासिक स्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिशों को खारिज किया। समूह ने शहर में सभी धार्मिक स्थलों और पवित्र स्थानों की पवित्रता का पूरा सम्मान करने का आग्रह किया। घोषणापत्र में सभी लोगों के बिना किसी रुकावट के अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने और धार्मिक स्थलों तक पहुंच के अधिकार का सम्मान करने की अपील की गई।
BRICS शिखर सम्मेलन में व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दे
फिलिस्तीन और इज़राइल से जुड़े मुद्दे नई दिल्ली घोषणापत्र में शामिल व्यापक भू-राजनीतिक विषयों का हिस्सा हैं। भारत 2026 के BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: PM मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन समेत BRICS नेताओं ने भारत इनोवेट्स एग्ज़िबिशन देखा