केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद

बजट 2026 का झटका: F&O पर टैक्स बढ़ते ही शेयर बाजार धड़ाम, निवेशकों में हड़कंप

Budget 2026 Triggers Market Crash After F&O Tax Hike

मुंबई। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में "बजट - 2026" पेश किया। लेकिन भारतीय शेयर बाजार को निर्मला सीतारमण का नया बजट रास नहीं आया। केंद्रीय बजट 2026 में वायदा और विकल्प पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने की घोषणा ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया। नतीजा ये हुआ कि बजट पेश होने के बाद शेयर मार्केट धड़ाम हो गया।

STT घटने की जगह बढ़ गया टैक्स

बजट 2026 में शेयर बाज़ार को उम्मीद थी कि शेयरों के लेन-देन पर लगने वाला Securities Transaction Tax (STT) खत्म होगा या घटेगा। लेकिन हुआ उल्टा और वित्त मंत्री ने Futures and Options पर टैक्स बढ़ा दिया है। कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 22% की दर से टैक्स लगा दिया गया है। इसकी प्रतिक्रिया में सेंसेक्स में एक समय लगभग 2400 अंकों तक की ऐतिहासिक गिरावट आ गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर लगने वाले टैक्स में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की, जिससे शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स बुरी तरह लुढ़क गए। कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली।

F&O ट्रेडिंग में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने था उद्देश्य

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने साफ किया कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया जाएगा। वहीं ऑप्शंस प्रीमियम पर STT अब 0.10% के बजाय 0.15% करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस एक्सरसाइज पर STT को बढ़ाकर 0.15 परसेंट कर दिया गया है।

बायबैक से मिलने वाली रकम पर लगेगा कैपिटल गेन टैक्स

बजट में बताया गया है कि कंपनियों को शेयर बायबैक से मिलने वाली रकम को कैपिटल गेन मानकर उस पर टैक्स लगाया जाएगा। इससे वे निवेशक नाराज दिखे जो टैक्स बचाने के लिए बायबैक का सहारा लेते थे। केंद्रीय बजट 2026 में वायदा और विकल्प पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने की घोषणा के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। इस फैसले से ट्रेडिंग लागत बढ़ने की आशंका के कारण सेंसेक्स 1600 अंक से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 25,000 के नीचे फिसल गया।

निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार पेश किया बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लगातार नौवीं बार लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश किया जिससे भारतीय शेयर बाजारों पर सबकी नजरें टिकी हुई थी। लेकिन बजट के दिन बाज़ारों में भारी गिरावट देखी गई, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वायदा और विकल्प शेयरों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में वृद्धि की घोषणा की, जिससे सभी क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली शुरू हो गई।

धातु, कमोडिटी और वित्तीय शेयरों में हुई सबसे अधिक गिरावट

शेयर मार्केट में धातु, कमोडिटी और वित्तीय शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। खुदरा व्यापारियों और बाज़ार प्रतिभागियों ने डेरिवेटिव्स में बढ़ी हुई ट्रेडिंग लागत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, साथ ही आगे की बजट घोषणाओं से पहले मुनाफावसूली और सतर्कता के माहौल ने भी इसमें योगदान दिया। बाज़ार की स्थिति कमज़ोर रही और अधिकांश क्षेत्र लाल निशान में रहे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एसटीटी में वृद्धि से ट्रेडिंग गतिविधि पर असर पड़ने की संभावना है, खासकर ऐसे समय में जब खुदरा निवेशकों की भागीदारी पहले से ही कम है।

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