मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी के नाम पर चल रहीं सामाजिक सहयता योजनाओं के नाम बदले
नई दिल्ली (भारत)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 'नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम' (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये के बजट के साथ जारी रखा जाएगा। इस मंजूरी में योजना और उसकी उप-योजनाओं का नाम बदलना, दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता मानदंड, कवरेज और सहायता की दर में बदलाव करना, और बुज़ुर्गों व विधवाओं के लिए पेंशन योजनाओं और परिवार लाभ योजना को उनके मौजूदा स्वरूप में जारी रखना शामिल है।
NSAP का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना होगा
केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही योजना के तहत संचालित कई उप-योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे। इस बदलाव के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) का नाम ‘प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना’ होगा। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) को ‘प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना’ नाम दिया जाएगा।
दिव्यांगजन पेंशन और परिवार लाभ योजना के नए नाम
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना (IGNDPS) का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना’ किया जाएगा। इसी तरह, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना अब ‘प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना’ के नाम से जानी जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार, बुजुर्गों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएं तथा परिवार लाभ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी। इन योजनाओं के मौजूदा प्रावधानों में बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
दिव्यांगजन पेंशन की सहायता राशि में बदलाव
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत 0 से 79 वर्ष आयु वर्ग के लाभार्थियों को 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 625 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। योजना में बेंचमार्क दिव्यांगता का मानदंड मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, दिव्यांगजन पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त अब जन्म से निर्धारित होगी।
तीन महीने के भीतर जारी होंगी नई गाइडलाइंस
दिव्यांगजन पेंशन योजना में पात्रता के नियमों, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि की दर में बदलाव से संबंधित दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे। वहीं, बुजुर्गों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएं तथा परिवार लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेंगी। इन फैसलों के जरिए दिव्यांगजन पेंशन योजना के पात्रता मानदंड और सहायता व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था NSAP
नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को सहायता प्रदान करना है, ताकि केंद्र सरकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 में उल्लिखित राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा सके। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कार्यक्रम के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता का प्रावधान यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है कि देशभर के लाभार्थियों को एक समान सहायता मिल सके।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुरूप बदलाव
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के कारण दिव्यांगता पेंशन की पात्रता के नियमों में बदलाव आवश्यक हो गया है। इसी के तहत पात्रता को 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता से जोड़ने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, दिव्यांगता से संबंधित सहायता दूसरी श्रेणियों के लिए शुरू की जा रही समान योजनाओं की तुलना में हमेशा 25 प्रतिशत अधिक रखने की आवश्यकता भी बताई गई है। (Source: ANI)
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