अग्निवीरों के लिए दो साल के सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी को कैबिनेट की मंजूरी
नई दिल्ली (भारत)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अग्निवीरों को अपनी शुरुआती सेवा अवधि पूरी करने के बाद भी सशस्त्र बलों में सेवा जारी रखने का अवसर मिलेगा। रक्षा मंत्री ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और इसे अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर दी फैसले की जानकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए, प्रधानमंत्री श्री @narendramodi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' को मंजूरी दी है।" उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद भी दिया।
नियमित सैनिक बनने का भी मिलेगा अवसर
राजनाथ सिंह के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत ऐसे इच्छुक अग्निवीर, जो निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करते हैं, अपनी चार या छह साल की निर्धारित सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल हो सकेंगे। दो साल के अतिरिक्त 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' का प्रावधान योग्य अग्निवीरों को सशस्त्र बलों के साथ जुड़े रहने का एक और अवसर प्रदान करेगा।
चयन मानदंड पूरे करने वाले अग्निवीर होंगे पात्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर उन अग्निवीरों के लिए होगा, जो आगे भी सशस्त्र बलों में सेवा जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने के लिए निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा। यह अवसर चार या छह साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने के बाद उपलब्ध होगा।
युवा और तकनीकी रूप से सक्षम सेना तैयार करने पर जोर
राजनाथ सिंह ने इस फैसले को भारतीय रक्षा बलों में किए जा रहे दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसी सेना तैयार करना है, जो युवा, अधिक फिट और तकनीकी रूप से सुसज्जित हो। उन्होंने उभरती सुरक्षा चुनौतियों और युद्ध के बदलते स्वरूप के अनुरूप सेना को तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राजनाथ सिंह बोले- यह केवल भर्ती नीति नहीं, बल्कि एक बड़ा सुधार
रक्षा मंत्री ने इस फैसले के व्यापक उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, "यह निर्णय हमारे रक्षा बलों में किए जा रहे दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों की एक कड़ी है। इसका लक्ष्य एक ऐसी सेना तैयार करना है जो युवा हो, अधिक फिट हो, तकनीकी रूप से सुसज्जित हो और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो। यह केवल एक भर्ती नीति नहीं है। बल्कि यह भारत की सेना को युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार करने की दिशा में एक कदम है।" (Source: ANI)
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