संसद सत्र के बीच 31 जुलाई को कैबिनेट बैठक, पश्चिम एशिया संकट पर सरकार ने कसी कमर
नई दिल्ली (भारत)। संसद के मानसून सत्र के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक 31 जुलाई को संसद परिसर में होने जा रही है। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट को लेकर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की, जिसमें देश की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। बैठक में सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों, LPG, LNG और उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को नागरिकों के हितों की सुरक्षा और राष्ट्रीय आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए समन्वित निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘संपूर्ण-सरकारी’ दृष्टिकोण
संघर्ष से कई क्षेत्रों में चुनौतियां उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने एक व्यापक "संपूर्ण-सरकारी" दृष्टिकोण पर जोर दिया और अधिकारियों को नागरिकों के लिए सुरक्षात्मक उपायों को तेजी से लागू करने और राष्ट्रीय आर्थिक हितों को सुरक्षित करने के लिए एक एकीकृत और समन्वित निगरानी तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया।
लोकसभा स्थगित, सीसीएस बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने के बाद लोकसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की चौथी विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पश्चिम एशिया में उभरते भू-राजनीतिक संकट का मूल्यांकन करने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा करने पर चर्चा हुई।
सरकार ने पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति की तैयारियों की दी जानकारी
मंत्रिमंडल सचिव ने सीसीएस को वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने LNG/LPG और उर्वरकों सहित पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि LPG की खरीद के स्रोतों में विविधता लाई जा चुकी है और प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का कुल स्टॉक और आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है।
रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ा, ईंधन आपूर्ति बनाए रखने पर जोर
पर्याप्त कच्चे तेल की उपलब्धता ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSE) की रिफाइनरियों को 100% से अधिक उपयोग स्तर पर संचालित करने में सक्षम बनाया है, जिससे पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का निरंतर उत्पादन सुनिश्चित हो रहा है। प्राकृतिक गैस (PNG) के पाइप कनेक्शनों के विस्तार के लिए भी पहल की गई है, जिसके परिणामस्वरूप PNG कनेक्शनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गैस नेटवर्क विस्तार और रबी सीजन के लिए उर्वरक तैयारी
सरकार राष्ट्रीय गैस ग्रिड के विस्तार, LNG आयात और पुनर्गैसीकरण अवसंरचना में वृद्धि, शहरी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार और पाइपलाइन अवसंरचना आदेश, 2026 के तहत समयबद्ध पाइपलाइन और अंतिम-मील कनेक्टिविटी अनुमोदन के माध्यम से LPG के औद्योगिक प्रतिस्थापन को भी सुगम बना रही है। बैठक के दौरान, आगामी रबी मौसम के लिए उर्वरकों की आवश्यकताओं का आकलन किया गया और उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जाने चाहिए। (Source- ANI)