बैंकों से 228 करोड़ रुपये के फ्रॉड को लेकर अनिल अंबानी के बेटे के खिलाफ केस दर्ज
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अनिल अंबानी और 'रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड' (RHFL) के खिलाफ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से कथित रूप से 228 करोड़ रुपये की फ्रॉड को लेकर मामला दर्ज किया है।
यूनियन बैंक की ओर से मिली शिकायत पर CBI ने की कार्रवाई
सीबीआई अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आंध्रा बैंक जिसका अब यूनियन बैंक में विलय हो गया है, की ओर से की गयी शिकायत के आधार पर CBI ने 'रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड', जय अनमोल अनिल अंबानी और रवींद्र शरद सुधाकर (दोनों आरएचएफएल के निदेशक) के खिलाफ कार्रवाई की है। इस शिकायत के आद जय अनमोल अनिल अंबानी के आवास पर CBI ने तलाशी अभियान भी चलाया है।
मुंबई के कफ परेड स्थित अनिल अंबानी के आवास पर ली गई तलाशी
सीबीआई की टीम आज सुबह मुंबई के कफ परेड स्थित अनिल अंबानी के आवास 'सी विंड' बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर पहुंचीं, जहां तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज कब्जे में लिए गए। आंध्रा बैंक (अब यूनियन बैंक) द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने बिजनेस जरूरतों के लिए बैंक की मुंबई स्थित एससीएफ शाखा से 450 करोड़ रुपये का लोन प्राप्त किया था। इसमें कहा गया कि बैंक ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की शर्त रखी थी, जिसमें समय पर पुनर्भुगतान, ब्याज और अन्य शुल्कों का भुगतान, समय पर प्रतिभूति की स्थिति और अन्य आवश्यक कागजात पेश करना और बिक्री की पूरी रकम बैंक खाते के माध्यम से भेजना शामिल था।
बैंक को किश्तों का भुगतान करने में विफल रही कंपनी
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी बैंक को किश्तों का भुगतान करने में विफल रही। इसलिए उक्त खाते को 30 सितंबर 2019 को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्रांट थॉर्नटन (जीटी) की तरफ से 1अप्रैल, 2016 से 30 जून, 2019 तक की समीक्षा अवधि के लिए खातों की फॉरेंसिक जांच की गई, जिससे पता चला कि उधार ली गई रकम का गलत बंटवारा किया गया था।
अनिल अंबानी ग्रुप की 1,120 करोड़ रुपये कीमत की 18 से ज़्यादा प्रॉपर्टी अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते दिनों रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की 1,120 करोड़ रुपये की 18 से ज़्यादा प्रॉपर्टी, फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक बैलेंस और अनकोटेड इन्वेस्टमेंट में शेयरहोल्डिंग को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL), येस बैंक धोखाधड़ी मामले में अटैच कर लिया था। ED अधिकारियों के अनुसार, इस अटैचमेंट में 18 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सात प्रॉपर्टी शामिल हैं, जिसमें मुंबई के बैलार्ड एस्टेट में रिलायंस सेंटर भी शामिल है, जिसे कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस के तौर पर लिस्ट किया गया है। हालांकि अब यह उसका ऑपरेशनल हेडक्वार्टर नहीं है। अंधेरी (पूर्व) के चकाला MIDC में एक कमर्शियल ऑफिस बिल्डिंग, सांताक्रूज़ में रिहायशी प्रॉपर्टी और उसी इलाके में एक गेस्ट हाउस भी शामिल है।
रिलायंस पावर लिमिटेड की दो प्रॉपर्टी भी अटैच की गईं हैं। साथ ही रिलायंस वैल्यू सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की नौ प्रॉपर्टी भी अटैच की गईं, जिनमें चेन्नई में 231 रिहायशी प्लॉट और पनवेल में सात रिहायशी फ्लैट शामिल हैं। अचल संपत्तियों के अलावा, ED ने पांच ग्रुप कंपनियों के फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स को भी अस्थायी रूप से अटैच किया है, जो मनी लॉन्ड्रिंग की आम प्रक्रिया को दिखाता है, जिसमें फंड को अलग-अलग इन्वेस्टमेंट तरीकों से लेयर किया जाता है।
जांच के दायरे में आए रिलायंस ग्रुप से जुड़ी संपत्तियों का कुल मूल्य अब 10,117 करोड़ रुपये
फिक्स्ड डिपॉजिट रिलायंस वैल्यू सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, फी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, आधार प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और गेमेसा इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से अटैच किए गए। इस नए अटैचमेंट के साथ, जांच के दायरे में आए रिलायंस ग्रुप से जुड़ी संपत्तियों का कुल मूल्य अब 10,117 करोड़ रुपये हो गया है।