11 जिलों में मुआवजे को लेकर फर्जीवाड़ा
एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट में फर्जी मुआवजा को लेकर सीबीआई ने पांच ठिकानों पर मारे छापे
11 जिलों में मुआवजे को लेकर फर्जीवाड़ा
लखनऊ। कांधला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट में फर्जी तरीके से 6.50 करोड़ रुपये का मुआवजा दिये जाने के मामले में सीबीआई ने मंगलवार को लखनऊ, नोएडा, कानपुर नगर और कानपुर देहात समेत कई शहरों में छापे मारे। इस प्रोजेक्ट में प्रदेश के 11 जिलों में मुआवजे को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आया है। सीबीआई ने छापा मारकर लखनऊ, नोएडा और प्रयागराज में आरोपियों के 5 ठिकानों से घोटाले से जुड़े सुबूत जुटाए हैं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की शिकायत पर यह कार्रवाई की गयी है। आईओसीएल के सीवीओ अनंत सिंह (आईपीएस) की ओर से प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार आईएचबी लिमिटेड कांधला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट के लिए यूपी में मुआवजा देने का काम करती है। यह प्रोजेक्ट गोरखपुर, मध्य प्रदेश और यूपी के बीच करीब 2800 किमी में फैला है। शिकायत में बताया कि अधिकारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत करके गलत नाम मुआवजे की सूची में शामिल किए गए और मुआवजा अपात्रों को दे दिया गया। सबसे ज्यादा फर्जी मुआब्जा प्रयागराज और भदोही में दिया गया। उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, ललितपुर. और रायबरेली में भी मुआवजे देने में गड़बड़ियां मिली हैं।
सीबीआई की जांच में कांधला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट में फर्जी तरीके से 6.50 करोड़ रुपये का मुआवजा देने के मामले को लेकर प्रदेश के 11 जिलों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस जांच के बाद सीबीआई ने मंगलवार को कई शहरों में छापे मारे गये हैंं। आईओसीएल की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में प्रयागराज में 4.77 करोड़ रुपये, भदोही में 1.35 करोड़ रुपये का मुआवजा हड़पने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा मऊ, वाराणसी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, ललितपुर और रायबरेली में भी 39.34 लाख रुपये का मुआवजा हड़पा गया।
सीबीआई में दर्ज शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आईओसीएल के पूर्व जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट्स.) एवं वर्तमान में केंद्रीय पेट्रोनिलम एंड नेचुरल गैस मंत्रालय के जीएम (मैटीरियल) फैसल हसन, आईओसीएल के सीनियर मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) गौरव सिंह, मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) सुनील कुमार अहिरवार, इंजीनियर विनीत कुमार सिंह, सूर्य प्रताप सिंह के साथ प्रयागराज के रेवेन्यू असिस्टेंट अभिषेक पांडेय, बरेली के रेवेन्यू असिस्टेंट विशाल द्विवेदी और आशीष कुमार सिंह ने अज्ञात लोगों के साथ मिलीभगत कर मुआवजा हड़पा गया। इसके लिए उन्होंने फर्जी बैंक खाते खोलकर उसमें आई मुआवजे की रकम को डायवर्ट कर दिया। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मंगलवार को लखनऊ के गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित ओमेक्स हाइट्स अपार्टमेंट में गौरव सिंह, नोएडा के सेक्टर 100 स्थित लोटस इसपेसिया अपार्टमेंट में फैसल हसन, प्रयागराज में धूमनगंज स्थित सुनील कुमार अहिरवार समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे और घोटाले से जुड़े अहम सुबूत जुटाए गये।
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