CBSE स्कैन कॉपी आवेदन में कटी अतिरिक्त फीस लौटाएगा
नई दिल्ली। Central Board of Secondary Education (CBSE) ने रविवार को घोषणा की कि कक्षा 12 की परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय जिन उम्मीदवारों से अतिरिक्त शुल्क लिया गया था, उन्हें वह राशि वापस कर दी जाएगी।
21 और 22 मई को हुई थी तकनीकी समस्या
24 मई को जारी एक नोटिस में CBSE ने कहा कि कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण 21 और 22 मई को स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय छात्रों से कुछ मामलों में गलत शुल्क काट लिया गया था। नोटिस में कहा गया है, “कुछ मामलों में अधिक शुल्क काटा गया, जबकि अन्य में कम शुल्क लिया गया।”
अतिरिक्त राशि होगी रिफंड
CBSE ने आगे कहा कि अधिक भुगतान के सभी मामलों में अतिरिक्त राशि उसी भुगतान विधि से वापस कर दी जाएगी, जिसका उपयोग भुगतान के लिए किया गया था। वहीं जिन मामलों में कम शुल्क काटा गया है, उम्मीदवारों को शेष राशि के भुगतान के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों में मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी और उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
छात्रों ने उठाए मूल्यांकन पर सवाल
यह मामला सोशल मीडिया पर छात्रों की कड़ी आलोचना के बाद सामने आया। कई छात्रों, जिनमें जेईई मेन उत्तीर्ण करने वाले छात्र भी शामिल हैं, ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, लेखांकन और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में अप्रत्याशित रूप से कम अंक मिलने की शिकायत की।
स्कैन कॉपी में बताई गईं कई खामियां
पुनर्मूल्यांकन शुरू होने के बाद छात्रों ने स्कैन कॉपी डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर साझा कीं और कई आरोप लगाए। इनमें बिना जांचे उत्तर, कई पन्नों पर चरणवार अंकन का अभाव, धुंधली और अपठनीय स्कैन कॉपी, पेजवार अंकों और अंतिम अंकों में अंतर, तथा पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सर्वर क्रैश और भुगतान विफलता जैसी शिकायतें शामिल हैं।
शिक्षा मंत्रालय भी कर रहा निगरानी
इस बीच Ministry of Education ने स्थिति पर नजर रखने के लिए हस्तक्षेप किया है। शीर्ष सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय CBSE को प्रशासनिक निगरानी प्रदान कर रहा है और कक्षा 12 के बोर्ड परिणामों की बारीकी से समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया के डेटा लॉग की निगरानी कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या प्रणालीगत खामियों के कारण इस वर्ष कक्षा 12 के कुल उत्तीर्ण प्रतिशत में 3.19 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो घटकर 85.20 प्रतिशत रह गया। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने किसी भी बड़ी प्रणालीगत विफलता से इनकार किया है और वायरल सोशल मीडिया पोस्ट को “अलग-थलग मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना” बताया है।
(एएनआई)
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