5 एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं पर CDSCO की चेतावनी, जानिए साइड इफेक्ट्स
नई दिल्ली: देश में इस्तेमाल होने वाली कुछ एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं को लेकर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने चेतावनी जारी की है। पांच दवाओं के इस्तेमाल से कुछ मरीजों में गंभीर साइड इफेक्ट्स सामने आए हैं, जिनमें लिवर और किडनी पर असर, त्वचा पर चकत्ते, जलन और एलर्जिक रिएक्शन जैसी समस्याएं शामिल हैं।
बैन नहीं, सिर्फ सावधानी की सलाह
हालांकि, CDSCO ने साफ किया है कि इन दवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और इन्हें असुरक्षित भी नहीं बताया गया है। यह चेतावनी केवल डॉक्टरों और मरीजों को संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए जारी की गई है। जिन दवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें वैनकॉमायसिन, टेट्रासाइक्लिन, कोट्रिमोक्साजोल, मेट्रोनिडाजोल और ओरल इट्राकोनाजोल शामिल हैं।
वैनकॉमायसिन से DRESS Syndrome का खतरा
गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली वैनकॉमायसिन से कुछ मरीजों में DRESS Syndrome नाम की गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया देखी गई है। इसमें तेज बुखार, त्वचा पर लाल चकत्ते और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
टेट्रासाइक्लिन, मेट्रोनिडाजोल और इट्राकोनाजोल के दुष्प्रभाव
वहीं, टेट्रासाइक्लिन के इस्तेमाल से कुछ मरीजों में एक ही स्थान पर बार-बार चकत्ते और फफोले बनने की शिकायत मिली है। इसके अलावा, पेट और आंतों के संक्रमण में दी जाने वाली मेट्रोनिडाजोल और फंगल इंफेक्शन की दवा इट्राकोनाजोल से भी कुछ मरीजों में त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन और फफोले जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
डॉक्टर की सलाह के बिना न लें दवा
CDSCO ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सुरक्षित है। विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं का बिना जरूरत या गलत तरीके से इस्तेमाल न केवल साइड इफेक्ट्स का खतरा बढ़ाता है, बल्कि भविष्य में दवाओं के असर को भी कम कर सकता है।
याद रखें यह जरूरी बात
इसलिए याद रखें, किसी भी एंटीबायोटिक या एंटीफंगल दवा का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही करें।
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