नीतीश कटारा के हत्यारों के घर में मना जश्न, बाहुबली डीपी यादव के घर पर...
नकुल जैन,नोएडा
नीतीश कटारा कांड के मुख्य आरोपी और बाहुबली नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव ने शादी कर ली है..नीतीश पिछले कई दिनों से अपनी मां के बीमार होने के चलते जमानत पर था.. उसकी जमानत 5 सितंबर को खत्म होने वाली थी..वहीं जमानत खत्म होने से ठीक पहले विकास यादव ने शादी का हवाला देते हुए जमानत बढ़ाने की अर्जी दी थी..जिस पर कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर तक की मंजूरी दी थी..कोर्ट की मोहर लगने के बाद विकास ने हर्षिता के साथ कुछ खास मेहमानों की मौजूदगी में बेहद सादगी के साथ घर के अंदर ही फेर लिए...विकास 9 सितंबर को फिर से जेल जाने वाले हैं.तो आईए उसके जेल जाने से पहले जानते हैं कि ऐसा विकास यादव ने क्या कांड किया था कि उसे दो दशक से भी ज्यादा समय जेल की सलाखों के पीछे गुजारना पड़ा...
भारती और नीतीश के प्यार से शुरु होती है कहानी
डीपी यादव जो कि यूपी का राजनीति के साथ बाहुबली लोगों की सूची में बड़ा नाम था..उसकी इकलौती बेटी भारती यादव दिल्ली से सटे गाजियाबाद से मैनजमेंट की पढ़ाई कर रही थी..वहीं कॉलेज के दौरान उसे एक अधिकारी के बेटे से प्यार हो गया..रंग से गोरे और पढ़ाई में अव्वल नीतीश के साथ उसका रिश्ता इतना गहरा हो गया था कि वह घर वालों की धमकियों को भी ताख पर रखने लगी थी.
संबंधों मे गहराई ने दी मौत को दावत
दोनों के संबध समय के साथ दिन पर दिन गहरे होते जा रहे थे..वहीं जब इसकी भनक भारती के भाई विकास को लगी..तो उसने इस रिश्ते को लेकर विरोध किया..साथ ही नीतीश को भी धमकी दी..लेकिन भारती नीतीश बेखौफ आशिक के तरह सच्चा इश्क करते रहे..दोनों ने लगातार मिलना जारी रखा..भारती को अपने बैकग्राउंड के बारे में मालूम था..हालांकि उसे लगता था कि परिवार एक न एक दिन दोनों के रिश्ते को स्वीकार कर लेगा..और उन्हें दो से एक होने का मौका देगा..लेकिन दूसरी तरफ भारती का भाई जो कि इससे रिश्ते को लेकर नराज था..उसके मन में कुछ अलग ही उधेड बुन चल रही थी..वो कुछ ऐसा प्लान बना रहा था..जिसकी भारती ने शायद ही कल्पना की हो..
फैमली फंक्शन में रची साजिश
यादव परिवार के यहां गाजियाबाद में फंक्शन चल रहा था..जहां भारती ने नीतीश को भी इनवाइट किया हुआ था..वहीं फैमली फंक्शन होने के चलते डीपी यादव का बेटा विकास यादव भी उसमें मौजूद था..विकास ने उस दिन शराब पी रखी थी..वह नीतीश को आंखों के सामने देखकर खुद पर काबू नहीं रख पाया..और उसने अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर नीतीश को मौत की नींद सुलाने की योजना बनाई..विकास ने सबसे पहले नीतीश का अपहरण किया..और फिर उसकी हत्या करके लाश को ठिकाने लगा दिया.और अपनी विधायकी के चुनाव को लेकर प्रचार में जुट गया
परिवार ने दर्ज करवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट
इधर नीतीश के गायब होने के कारण उनके परिवार को रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था..उनकी तरफ से पुलिस में नीतीश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई..हालांकि पुलिस को कई दिनों तक नीतीश के बारे में कोई भी सुराग नहीं लगा पाई..लेकिन परिवार के बार-बार दबाव देने के चलते पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लिया..और नीतीश की लाश को ढूंढ निकाला..
पुलिस ने जुटाए आरोपियों के खिलाफ सबूत
नीतीश की मौत के बाद उसके परिवार को उसकी हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश का शक हुआ..जिसके चलते मामले को उन्होंने सख्ती के साथ जांच करने की पुलिस से अपील की..वहीं मामले की पूछताछ के दौरान उसके संबंध डीपी यादव की बेटी के साथ होने की जानकारी मिली..जिसके बाद पुलिस ने नीतीश और भारती से जुड़े हर पहलू पर जांच करनी शुरु कर दी..और फिर उन्हें दोनों के रिश्तों के बारे में जानकारी मिली..धीरे मामले की परतें खुलती गई..और पुलिस के हाथ विकास के खिलाफ सबूत हाथ लगने लगे..
छापेमारी के दौरान गिरफ्तारी
पुलिस के सामने पूरा मामला आ चुका था..और उसे विकास के खिलाफ कुछ अहम सबूत मिल गए थे..जिसके चलते विकास को गिरफ्तारी का डर सताने लगा..वह चुनाव प्रचार से दूर हो गया..और मध्यप्रदेश में जाकर कहीं छिप गया.. वहीं दूसरी तरफ पुलिस पर मीडिया और परिवार का लगातार कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा था ..जिसके चलते उन्होंने विकास की तलाश तेज कर दी..और जल्द ही उसें मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया...
6 साल बाद मिला इंसाफ
विकास यादव और उसके साथी विशाल यादव के गिरफ्तार होने के बाद नीतीश की मां ने कोर्ट से आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की.वहीं ऑनर किलिंग के इस मामले को लेकर कोर्ट ने भी गंभीरता दिखाई और मामले को फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया..जिसके बाद आरोपियों से जुड़ी हुई सभी चीजों की बारीकी से तफ्तीश हुई..साथ ही मामले से जुड़े सभी गवाहों के बयान लिए गए..वहीं कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपियों को 30 साल की सजा सुनाई..हालांकि आरोपियों की तरफ से सजा को कम करने की याचिका दायर की गई..जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए आरोपियों की सजा को घटाकर 25 साल कर दिया गया....
फिलहाल नीतीश जमानत पर है..और अपनी सजा के 25 में 23 साल काट चुका है...वहीं दूसरी तरफ नीतीश की मां अपने बेटे के हत्यारों की सजा से संतुष्ट नहीं है..जिसके चलते वह कोर्ट में आरोपियों की सजा बढ़ाने की मांग कर रही है..तो ऐसे में अब देखना होगा कि क्या कोर्ट इन हत्यारों के लिए दी गई सजा को पर्याप्त मानती है, या फिर एक मां के बेटे के खोने के गम को गंभीरता से लेते हुए इसमें इजाफा करती है