कपड़ा उद्योग को प्रोत्साहित करने, अनसंधान और नवाचा

वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए 305 करोड़ की Tex-RAMPS योजना का एलान

वस्त्र उद्योग मंत्री गिरीराज सिंह

वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए 305 करोड़ की Tex-RAMPS योजना का एलान

देश में कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में शोध व स्टार्ट-अप को मिलेगा प्रोत्साहन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में कपड़ा उद्योग को प्रोत्साहित करने और इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार की संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से Tex-RAMPS (टेक्सटाइल-फोक्स्ड रिसर्च, असेसमेंट, मॉनिटरिंग, प्लानिंग एंड स्टार्टअप) योजना को मंजूरी प्रदान की है। केन्द्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने योजना का एलान किया। इस योजना के लिए कुल 305 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी।

वस्त्र उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह एक बड़ी पहल है जिसका उद्देश्य भारत के टेक्सटाइल सेक्टर में शोध, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाना है। यह योजना 2025-26 से 2030-31 की अवधि के लिए लागू होगी और इसकी कुल लागत 305 करोड़ रुपये है। इसे केन्द्रीय क्षेत्र योजना के रूप में लागू किया जाएगा और पूरा खर्च टेक्सटाइल मंत्रालय वहन करेगा।

भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार योजना को नये वित्त आयोग के साथ जोड़ा गया है ताकि भविष्य में टेक्सटाइल और परिधान सेक्टर को अधिक मजबूत, आधुनिक और विश्व-प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। यह योजना खास तौर पर शोध की कमी, कमजोर डेटा सिस्टम और नवाचार समर्थन जैसे पुराने अंतराल को दूर करने के लिए डिजाइन की गई है। 

टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने योजना की घोषणा करते हुए कहा कि Tex-RAMPS योजना शोध, डेटा और नवाचार को एक साथ लाकर भारत को स्थिरता, तकनीक और प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इससे सेक्टर की रिसर्च क्षमता और डेटा स्ट्रक्चर मजबूत होंगे और उच्च मूल्य वाले नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।योजना में स्मार्ट टेक्सटाइल, स्थिरता, प्रक्रिया दक्षता (process efficiency) और उभरती तकनीकों पर उन्नत शोध को शामिल किया गया है। इसके साथ ही रोजगार आकलन, सप्लाई चेन मैपिंग और India-Size Project जैसे मजबूत डेटा सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि नीतियां बेहतर डेटा आधारित हो सकें। इस योजना का एक बड़ा घटक Integrated Textiles Statistical System (ITSS) है, जो एक रियल-टाइम एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म होगा। इसका उद्देश्य सेक्टर की बेहतर मॉनिटरिंग और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना है। इसके अलावा राज्यों की क्षमता बढ़ाने, ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित करने और विभिन्न सेक्टोरल इवेंट्स के माध्यम से टेक्सटाइल ज्ञान तंत्र को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

Tex-RAMPS योजना उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी। इसके तहत इनक्यूबेटर, हैकाथॉन, और उद्योग-शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उच्च मूल्य वाले टेक्सटाइल स्टार्ट-अप्स विकसित हो सकें। मंत्रालय के मुताबिक यह योजना भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाएगी, शोध एवं नवाचार को मजबूत करेगी, डेटा-आधारित नीतिगत निर्णय लेने में सुधार लाएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। साथ ही यह राज्यों, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग को और गहरा करेगी।

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