चंडीगढ़ टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने कैब एग्रीगेटर्

चंडीगढ़ में कैब एग्रीगेटर्स के खिलाफ टैक्सी यूनियन का प्रदर्शन जारी, किराया और नीतिगत लाभ की मांग

Chandigarh Taxi Union Continues Protest Against Cab Aggregators, Demands Fair Fares and Policy Benefits

चंडीगढ़ (भारत)। चंडीगढ़ टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने शनिवार को भी कैब एग्रीगेटरों के खिलाफ अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। उनका आरोप है कि सरकारी नीतियों के बावजूद लगातार शोषण हो रहा है। चंडीगढ़ टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि ड्राइवर प्रमुख राइड-हेलिंग कंपनियों के खिलाफ 90 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को न तो सरकार द्वारा निर्धारित किराया मिल रहा है और न ही राज्य की एग्रीगेटर नीति के तहत मिलने वाले लाभ।

पिछले 90 दिनों से कैब एग्रीगेटर्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

“पिछले 90 दिनों से हम यहां ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब एग्रीगेटर्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जो एक साल से हमारा शोषण कर रहे हैं। हमें न तो सरकार द्वारा निर्धारित किराया (7 जुलाई, 2025 को तय) मिल रहा है और न ही एग्रीगेटर नीति (6 जून, 2025) में उल्लिखित लाभ मिल रहे हैं, जिसमें 6 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा, 10 लाख रुपये का सावधि बीमा और निजी वाहनों की कुर्की पर रोक शामिल है। हमने पिछले पंद्रह महीनों में ग्यारह हड़तालें की हैं,” उन्होंने कहा। यूनियन अध्यक्ष ने अपने अभियान में आंशिक जीत का दावा करते हुए कहा कि वे कुछ एग्रीगेटर्स के खिलाफ कार्रवाई करवाने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम दो कंपनियों के लाइसेंस निलंबित करवाने में सफल रहे।” उन्होंने आगे कहा, “हम सरकार, जनता और साथी ड्राइवरों से अपील करते हैं कि वे समझें कि हम केवल न्याय के लिए लड़ रहे हैं।” यह आंदोलन ऐप-आधारित मोबिलिटी सेवाओं और पारंपरिक परिवहन ऑपरेटरों पर उनके प्रभाव को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच हो रहा है।

टैक्सी और ऑटो किराए में तत्काल संशोधन की मांग

इससे पहले, दिल्ली-एनसीआर में वाणिज्यिक वाहन चालकों ने भी ईंधन की बढ़ती कीमतों और ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटरों द्वारा कथित आर्थिक शोषण के मद्देनजर टैक्सी और ऑटो किराए में तत्काल संशोधन की मांग को लेकर 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल की थी। "चालक शक्ति यूनियन" द्वारा दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और पुलिस आयुक्त को सौंपे गए पत्र के अनुसार, यह हड़ताल अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बुलाई गई है।

टैक्सी किराए में लगभग 15 वर्षों से कोई संशोधन नहीं

यूनियन ने कहा कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि के साथ-साथ वाहन रखरखाव, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं की लागत में वृद्धि के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी किराए में लगभग 15 वर्षों से कोई संशोधन नहीं किया गया है। महाराष्ट्र में भी बाइक-टैक्सी ऑपरेटरों को लेकर इसी तरह की चिंताएं व्यक्त की गई हैं, जहां कैब चालकों का कहना है कि इससे उनकी कमाई कम हो जाएगी। (इनपुटः ANI)

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