कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा

CJP नेताओं का दावा: 10 अक्टूबर से पहले NSA-UAPA के तहत गिरफ्तारी का खतरा, बोले- जेल जाने से नहीं डरते

CJP Activist Ashutosh Ranka (File Photo)

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि आगामी 10 अक्टूबर से पहले उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) या अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हालिया पुलिस कार्रवाई के बीच सामने आया है, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

'6 जून से जेल जाने के लिए तैयार हैं' - आशुतोष रांका

CJP कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने दावा किया है कि उन्हें और अन्य पार्टी सदस्यों- अभिजीत दिपके और सौरव दास- को किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। रांका ने कहा कि वे सभी 6 जून से ही जेल जाने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं और उन्हें किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कई विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि हमें 10 तारीख से पहले NSA या इसी तरह के अन्य प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। हम तीनों 6 जून से ही जेल जाने को तैयार हैं। हमारे मन में इसे लेकर कोई डर नहीं है।" रांका ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उनके आंदोलन से भयभीत है और डर के साये में हिंसा का सहारा ले रही है।

<blockquote lang="en" dir="ltr">Multiple sources have reached out informing that @abhijeet_dipke @SauravDassss and I will be arrested anytime before 10th under NSA/other equivalent provisions. All three of us have been ready to go to Jail since June 6. There is no fear about it. But the ones hell bent on destroying this country should be the ones frightened. And they are. As Gandhi said, “violence and hatred stem from fear”. The govt is frightened, and that’s why it is resorting to violence. We are 30 year olds fighting for a better, more accountable India. We have nothing to lose. You can arrest us, beat us, even kill us. But you cannot stop us. “अगर मार भी दिया तो हमारी चिता से निकलने वाली आग तुम्हारे महलों को पिघला देगी।”</p>&mdash; Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) <a href="https://x.com/AshutoshRanka/status/2106957596100096097?ref_src=twsrc%5Etfw">October 5, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

लोकतंत्र बचाने की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे: अभिजीत दिपके

संगठन के रुख को स्पष्ट करते हुए CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियां उनके हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने कहा, "अगर सरकार को यह लगता है कि UAPA, NSA या लंबे समय तक जेल का डर दिखाकर हमें चुप कराया जा सकता है, तो यह उनकी भूल है। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार हैं।" दिपके ने जोर देकर कहा कि वे महात्मा गांधी के दिखाए अहिंसक मार्ग पर चलकर राज्य की तानाशाही के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण प्रतिरोध जारी रखेंगे।

सौरव दास की चेतावनी, 10 अक्टूबर को बड़े आंदोलन का आह्वान

CJP के एक अन्य प्रमुख नेता सौरव दास ने भी प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका जताई है। एक्स पर अपनी पोस्ट में दास ने लिखा कि सरकार उन्हें, अभिजीत, आशुतोष, रत्ना और अन्य नेताओं को सलाखों के पीछे भेजने की योजना बना रही है। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और भविष्य के लिए डटकर खड़े रहें। दास ने घोषणा की कि 10 अक्टूबर से देशव्यापी स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसे रोकने में सरकार नाकाम साबित होगी।

CEC ज्ञानेश कुमार और SIR विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा राजनीतिक संग्राम स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उपजा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। विवाद तब और गहरा गया जब 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार मतदाता सूची, पंजीकरण और आयोग की तकनीकी प्रणालियों से जुड़े निर्णयों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को संस्थागत असहमति मानने से साफ इनकार किया है। चुनाव आयोग का स्पष्ट कहना है कि मसौदा चरण (Draft Stage) के दौरान उठाए गए ऑपरेशनल सवाल और सुझाव उसकी मानक प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया का ही हिस्सा थे, और SIR प्रक्रिया के संबंध में सभी फैसले पूर्ण सर्वसम्मति से लिए गए थे। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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