मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग की रा

सीएम योगी का आदेश, फील्ड में तैनाती का आधार केवल ‘परफॉर्मेंस

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया है कि विभाग में फील्ड में तैनाती का आधार केवल 'परफॉर्मेंस' होगा। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि फील्ड में केवल वही अधिकारी तैनात किए जाएं जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो और लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट हो। मुख्यमंत्री ने जोनल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया और राजस्व वृद्धि को राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बताया।

धनतेरस-दीपावली पर अनावश्यक छापेमारी से बचें

मुख्यमंत्री ने आगामी धनतेरस और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अनावश्यक जांच अथवा छापेमारी की कार्रवाई से बचा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों और उद्यमियों के उत्पीड़न की शिकायत कहीं से भी नहीं आनी चाहिए, क्योंकि करदाताओं का विश्वास जीतना ही स्थायी राजस्व वृद्धि का आधार है।

राजस्व संग्रह की स्थिति

  • सितम्बर तक कुल प्राप्ति: राज्य कर विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितम्बर माह तक कुल ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति हुई है।

  • लक्ष्य: चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है।

  • बेहतर प्रदर्शन: चालू वित्तीय वर्ष में अब तक बरेली (64.2%), सहारनपुर (63.7%), और मेरठ (63.0%) जैसे जोनों का प्रदर्शन बेहतर रहा है।

  • संतोषजनक: बरेली, झांसी और कानपुर प्रथम जोन में कोई भी खंड 50% से कम संग्रह वाला नहीं है।

मुख्यमंत्री ने 50% से कम राजस्व संग्रह वाले खंडों की स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को तत्काल सुधार कार्ययोजना बनाने और असंतोषजनक प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।

मार्केट मैपिंग और व्यापारियों से संवाद

राजस्व बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  1. वरिष्ठ अधिकारी स्वयं बाजार में जाकर मार्केट मैपिंग करें।

  2. व्यापारियों से संवाद बढ़ाएं और उनकी अपेक्षाओं को समझें।

  3. जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने और समय से रिटर्न फाइल कराने पर ठोस प्रयास करें।

उन्होंने पारदर्शी और सरल कर प्रणाली के महत्व पर बल देते हुए कहा कि करदाताओं की सुविधा और विश्वास अर्जन ही स्थायी राजस्व वृद्धि का मूलमंत्र है।

फर्जी आईटीसी पर कठोर कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि बोगस फर्मों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों पर कठोर कार्रवाई जारी है। विभाग ने अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की है, जिन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने राजस्व संग्रह में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी को सर्वोपरि रखने पर बल दिया।