CJP कार्यकर्ताओं को राहत: श्योरिटी बॉन्ड भरने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका रिहा
नई दिल्ली। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने बुधवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया। इन्हें पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था।
क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
सौरभ दास और आशुतोष रांका को सबसे पहले 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। शुरुआत में पांच दिन की हिरासत बढ़ाई गई, जिसे बाद में दो दिन और बढ़ा दिया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ दोनों कार्यकर्ताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट में उम्र पर मजेदार चर्चा
सुनवाई के दौरान अदालत का माहौल तब हल्का हो गया जब जज ने दोनों की उम्र पर चुटकी ली। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने याचिकाकर्ताओं के वकील अभिक चिमनी से उनकी उम्र पूछी। वकील ने बताया कि सौरभ दास 27 साल के हैं और आशुतोष रांका 32 साल के हैं।
इस पर जज ने पूछा, "तो फिर आप 'जेन जी' (Gen Z) नहीं हैं। जेन जी क्या है?" यह स्पष्ट होने पर कि 1997 के बाद जन्मे लोग इस श्रेणी में आते हैं, अदालत ने दोहराया, "तो फिर आप जेन जी नहीं हैं।"
वैकल्पिक उपायों पर सवाल
न्यायाधीश ने यह भी सवाल उठाया कि जब फैसले के खिलाफ रिवीजन का विकल्प मौजूद था, तो सीधे हाईकोर्ट में अनुच्छेद 226 के तहत याचिका क्यों दायर की गई। दिल्ली पुलिस की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और वकील आशीष दीक्षित पेश हुए।
याचिका वापस और रिहाई
सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। हाईकोर्ट ने साफ किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इसके बाद SEM कोर्ट ने दोनों की रिहाई के आदेश जारी कर दिए। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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